बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव श्यौरामपुर निवासी युवक कपिल की हत्या के मामले में गांव निवासी तीन अभियुक्तों को एडीजे एफटीसी हरिकेश कुमार के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
वादी मुकदमा श्यामवीर सिंह ने 12 जुलाई 2014 को अनूपशहर थाने पर तहरीर दी थी। बताया था कि 10 जुलाई 2014 की सुबह 10 बजे गांव निवासी एक व्यक्ति उनके घर आया था। जिसने उनके पुत्र कपिल के और अपनी पुत्री के बीच अवैध संबंध का आरोप लगाया था। आरोपी व्यक्ति ने कहा था कि कपिल को सुधार लो नहीं तो उसे जान से मार देंगे। इसके बाद 11 जुलाई 2014 की शाम लगभग चार बजे गांव निवासी किरनपाल उनके घर आया और कपिल को दौड़ लगवाने के बहाने खेत पर ले गया।
देर रात तक उनका पुत्र नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। 12 जुलाई की सुबह साढ़े चार बजे उनका बड़ा पुत्र अमित दौड़ने के लिए खेत पर गया था। तभी उसने वहां उनके छोटे पुत्र को ले जाने वाले गांव निवासी आरोपी किरनपाल, किशन और चमन को धान के खेत की ओर से आते हुए देखा। उसके बाद लगभग साढ़े पांच बजे जब वह खुद पशुओं का चारा लेने के लिए जंगल गए तो धान के खेत में कपिल का शव पड़ा मिला।
पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब पत्रावली का अवलोकन कर, दोनों के अधिवक्ताओं की दलील और गवाहों के बयान सुनने के बाद चमन, किरनपाल और किशन को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
गैंगस्टर चमन को दो वर्ष का कारावास
बुलंदशहर। न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट में एक अभियुक्त को दो साल कैद की सजा सुनाई है। 11 मार्च 2023 को आरोपी चमन निवासी गांव शिवाली थाना जहांगीराबाद और अन्य के खिलाफ तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जयकरण सिंह कोतवाली देहात ने गैंग चार्ट तैयार किया था। 29 मार्च 2023 को गैंग चार्ट के आधार पर गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचक ने आरोपी चमन आदि के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट चंद्रविजय श्रीनेत ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी चमन को दोषी पाया है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को दो साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।