फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थर्मल पावर प्लांट से बढ़ेगी ऊर्जा की उपलब्धता, उद्योगों को मिलेगी गति : प्रधानमंत्री

विज्ञापन
खुर्जा थर्मल पावर प्लांट के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मौजूद अति​थि। संवाद
विज्ञापन
खुर्जा। दशहरा गांव में टीएचडीसीआईएल कंपनी की ओर से बनाए गए थर्मल पावर प्लांट की एक यूनिट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वर्चुअल उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 660 मेगावाट क्षमता के इस सुपर थर्मल पावर प्लांट से उत्तर प्रदेश में ऊर्जा की उपलब्धता और बढ़ेगी। इससे उद्योगों काे भी गति मिलेगी।
विज्ञापन

थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली का 64.7 प्रतिशत यानी 427 मेगावाट बिजली अकेले उत्तर प्रदेश को मिलेगी। दोनों यूनिट शुरू होने पर 855 मेगावाट बिजली यूपी को दी जाएगी। मुख्य रूप से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) को बिजली की सप्लाई दी जाएगी। इससे अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुर, बड़ौत, मुरादाबाद, संभल समेत पीवीवीएनएल से जुड़े जिलों की बिजली व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। उत्तर प्रदेश के अलावा इस प्लांट से राजस्थान को 21.3 प्रतिशत, उत्तराखंड को 3.9 प्रतिशत और दिल्ली समेत अन्य राज्यों को 10.1 प्रतिशत बिजली दी जाएगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में बिजली संकट अब पुराने दिनों की बात हो गई है। उत्तर प्रदेश अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ उत्पादन के लिए भी तैयार है। सांसद डा. महेश शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी तरह से समर्पित है। खुर्जा थर्मल पावर प्लांट प्रदेश ही नहीं देश के अन्य प्रदेशों के विकास में भागीदारी रहेगा। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। देश और प्रदेश विभिन्न मामलों में आत्मनिर्भर बन रहा है।
विज्ञापन

चार माह में दूसरी यूनिट भी हो जाएगी शुरू
दशहरा गांव में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) की ओर से करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1200 एकड़ जमीन पर 1320 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट तैयार किया जा रहा है। 660 मेगावाट क्षमता की इस यूनिट का निर्माण जनवरी 2024 में पूरा हो गया था। जनवरी 2025 में इस यूनिट का संचालन शुरू कर दिया गया था। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने औपचारिक उद्घाटन किया। 660 मेगावाट क्षमता की दूसरी यूनिट का ट्रायल भी अप्रैल 2025 में पूरा हो गया था। इसका संचालन भी आगामी तीन से चार माह में शुरू हो जाएगा। इसके बाद प्लांट से पूर्ण रूप से विद्युत उत्पादन का कार्य किया जाएगा।
प्रतिदिन डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली का होगा उत्पादन

टीएचडीसीआईएल से खुर्जा परियोजना के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने बताया कि खुर्जा थर्मल पावर प्लांट से चार राज्यों के अलग-अलग क्षेत्रों में आपूर्ति की जाएगी। 660 मेगावाट क्षमता की पहली यूनिट की कुल लागत 7,820.67 करोड़ रुपये है, जो प्रतिदिन डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन करेगी। परियोजना के लिए रेल मार्ग से मध्य प्रदेश से कोयला की आपूर्ति की जा रही है।

पांच हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
परियोजना के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने बताया कि खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए एक मील का पत्थर है। करीब पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें मजदूर वर्ग, वाहन चालक, कारीगर, विद्युत व कच्चे माल के ठेकेदार और मिस्त्री भी शामिल हैं। अलग-अलग कंपनियों से अनुबंधित इंजीनियर, तकनीशियन और अनुभवी अधिकारी भी इस परियोजना में कार्यरत हैं।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. अंतुल तेवतिया, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक अनिल शर्मा, जिलाधिकारी श्रुति व एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय समेत कई लोगों ने शिरकत की।
विज्ञापन




मिनट दर मिनट

दोपहर 2:28 बजे डीएम व एसएसपी कार्यक्रम में पहुंचे

2:40 बजे सांसद डॉ. महेश शर्मा व सांसद सतीश गौतम पहुंचे

3:02 बजे लाइव प्रसारण व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन शुरू हुआ

3:14 बजे योगी आदित्यनाथ का संबोधन समाप्त हुआ

3:15 बजे प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर लोकार्पण किया

3:26 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू हुआ

3:46 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन समाप्त हुआ





-


प्लांट से जुडीं महत्वपूर्ण तिथियां

9 मार्च 2021 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना का शिलान्यास किया

नवंबर 2022 : राष्ट्रीय राजमार्ग को डायवर्ट कर अलग हाइवे तैयार किया

20 जुलाई 2023 : टरबाइन जनरेटर को बॉक्ट अप कर दिया गया

15 मार्च 2023 : पहली यूनिट के बॉयलर का हाइड्रो परीक्षण किया गया

2 नवंबर 2023 : दूसरी यूनिट के बॉयलर का हाइड्रो परीक्षण किया गया

9 दिसंबर 2023 : बैरिंग गियर पर यूनिट-1 टीजी की प्राप्ति कर ली गई

21 मार्च 2024 : पहली यूनिट के बॉयलर परीक्षण किया गया

26 जनवरी 2025 : पहली यूनिट के परीक्षण के बाद संचालन शुरू किया गया

30 मई 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली यूनिट का लोकार्पण किया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें