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Bulandshahar News: शहर के मुख्य मार्ग और बाजार में नहीं है शौचालय की व्यवस्था

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बुलंदशहर। शहर के मुख्य मार्ग और बाजारों में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जहां शौचालय बने हुए हैं, वह इतने बदहाल है कि बाजार में आने वाले उनका प्रयोग ही नहीं कर पाते हैं। इसके बाद भी नगर पालिका की ओर से लोगों को सुविधा देने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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शहर में सार्वजनिक शौचालय और बाजारों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर या प्याऊ लगवाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इसके बाद भी शहर के मुख्य बाजारों के साथ मुख्य सड़कों पर न तो लोगों के लिए शौचालय की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। परेशान लोगों को या तो व्यापारियों के शौचालयों का प्रयोग करना पड़ता है, या फिर किसी खुले स्थान में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। नगर के काला आम चौराहे पर एक सार्वजनिक शौचालय बनाया तो गया है, लेकिन इसका अभी तक शुभारंभ नहीं किया गया है और स्थाई रूप से ताला लगा हुआ है। जिसके चलते लोग अभी इसका प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। जबकि मलका पार्क में गेट के अंदर बने शौचालय का प्रयोग कुछ ही लोग कर पाते हैं। हालांकि डीएवी तिराहे के पास फ्लाईओवर के नीचे बनाए गए सार्वजनिक शौचालय का संचालन नियम से किया जा रहा है, जिसके चलते इसका लाभ भी लोगों को मिल रहा है।



काला आम से भूड़ चौराहा, स्याना अड्डा की ओर नहीं है व्यवस्था

काला आम चौराहा से भूड़ चौराहा और स्याना अड्डा की ओर करीब दस किमी के एरिया में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जबकि प्रतिदिन इन सड़कों पर 50 हजार से अधिक लोग अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। स्याना अड्डा के पास स्थित पुलिस चौकी के पास करीब सात साल पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नगर पालिका ने कराया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह शौचालय बदहाल पड़ा है। जबकि भूड़ चौराहे की ओर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है, जिसके चलते लोग परेशान हैं।
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अंसारी रोड, सराफा बाजार, बूरा बाजार में अभाव

नगर के मुख्य बाजार अंसारी रोड, सराफा बाजार, बूरा बाजार, चौक बाजार, देवीपुरा समेत अन्य मुख्य बाजारों में प्रतिदिन 15 हजार से अधिक लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में महिला, बच्चों के पहुंचने के कारण बाजार में शौच की परेशानी होती है और व्यापारियों के शौचालयों का प्रयोग करना पड़ता है। जबकि पीने के लिए पानी या तो व्यापारी से मांगना पड़ता है या बाजार से बोतल लेकर खरीदना पड़ता है।



शहर में विभिन्न स्थानों पर शौचालय बने हुए हैं। इनमें से कुछ शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। शौचालयों की स्थिति सुधारने के लिए काम किया जा रहा है। बाजार संकरे हैं, जिसके चलते वहां सार्वजनिक शौचालय के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। - मनोज रस्तोगी, ईओ, नगर पालिका
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