नरौरा। पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में जलस्तर में कुछ और वृद्धि के संकेत हैं। बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (178.765 मीटर) के करीब 177.89 मीटर तक पहुंच गया है।
सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ रामकिशन वर्मा ने बताया कि नरौरा गंगा बैराज की अप स्ट्रीम में बृहस्पतिवार की सांय कुल 75 हजार 693 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की दर से पहुंच रहा है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 65 हजार 613 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से एलजीसी नहर 7503 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बंद चल रही सामानांतर निचली गंगा नहर (पीएलजीसी) को भी शनिवार से चालू कर दिया गया है। इसमें आज मात्र 2570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एसडीओ रामकिशन वर्मा ने बताया कि लाइनिंग के कार्य के लिए बंद चल रही पीएलजीसी नहर को खरीफ फसल में धान की फसल के उद्देश्य से चालू कर दिया गया है, जिसमें अगले चौबीस घंटे में पानी की मात्रा दोगुनी कर दी जाएगी।
अहमदगढ़/छतारी में शुक्रवार रात क्षेत्र से गुजर रही नहर की पटरी टूट गई। इसके चलते चार गांवों में पानी घुस गया और करीब दो हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई। पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों के साथ स्थानीय प्रशासन ने शनिवार पानी रोकने में सफलता पाई।
नहर की पटरी टूटने से क्षेत्र के गांव सैदगढ़ी, सालाबाद, सालवानपुर और दारापुर की सीमा में पानी पहुंच गया। सैदगढ़ी में सबसे अधिक पानी पहुंच गया है। शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने खेत-खलिहान और गांवों के आसपास पानी देखा तो हैरान रह गए।
पटरी टूटने की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अलावा प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और पानी को रोकने के लिए जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार नहर का पानी खेतों में भर जाने से फसल डूब गई हैं और गांवों में पानी पहुंचने से परेशानी बढ़ गई है।
गांव से बाहर जाने वाले मार्गों पर भी पानी भर गया। गांव सैदगढ़ी के प्रधान विजय गिरी के अनुसार उनके गांव में नहर का पानी आधे गांवों के घरों में घुस गया है। गांव की वाल्मीकि बस्ती में सबसे अधिक पानी भरा है।
सालवानपुर के ग्राम प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि नहर का पानी गांव की सीमा में पहुंच गया और फसलों को नुकसान हुआ है। थाना अहमदगढ़ इंचार्ज महीपाल सिंह चौहान का कहना है कि नहर की पटरी टूटने की सूचना मिलते ही पुलिस बल पानी रोकने में जुट गया है।
एसडीएम शिकारपुर सुनील कुमार सिंह का कहना है कि नहर का पानी रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और नहरी विभाग के सहयोग से पानी रोक दिया है। चारों गांवों में हुए नुकसान का आंकलन कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी।