बुलंदशहर। जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने और तापमान में गिरावट होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। सभी सरकारी चिकित्सालयों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द और जकड़न से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने परामर्श देने के साथ सर्दी से बचाव के उपाय बताए। साथ ही बंद कमरे में हीटर, अंगीठी व अलाव न जलाने की सलाह दी।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि सभी सरकारी चिकित्सालय प्रभारियों को शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए दो से अधिक बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चिकित्सालयों में हीटर, रेडिएंट वार्मर, गर्म कंबल रखवा दिए गए हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक, विटामिन, पेनकिलर, सर्दी-जुकाम की दवाएं, सिरप और जरूरी इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा है। लोगों से अपील है, शीतलहर के दौरान शरीर का तापमान तेजी से गिरता है, जिससे हाइपोथर्मिया का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को घरों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जिला चिकित्सालय में पहुंचे सर्दी जनित बीमारी के 200 से अधिक मरीज
सर्दी बढ़ने से चिकित्सालयों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी के मरीज बढ़े हैं। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में शनिवार को 200 से अधिक मरीजों ने सर्दी जनित बीमारी के चलते चिकित्सकों से परामर्श लिया। चिकित्सकों ने बुजुर्गों व बच्चों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ऐसे करें बचाव
: खाली पेट बाहर न निकलें।
: कमरों में पर्याप्त गर्माहट रखें।
: सिर, पैर और हाथों को ढककर रखें।
: गर्म पानी पीकर शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखें।
: बंद कमरों में हीटर, अलाव या अंगीठी का प्रयोग न करें।
: बच्चों व बुजुर्गों को दो से तीन परतों वाले गर्म कपड़े पहनाएं।
: अधिक सर्दी में बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं को बाहर निकलने से रोके।
: गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के लिए नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क बनाए रखें।