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पारा 41 पार, अभी और सताएगी गर्मी

Thu, 28 Apr 2016 09:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
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तेज धूप से बचने के ‌लिए छाता लेकर जाती महिला। - फोटो : अमर उजाला
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तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का चैन छीन लिया है। तापमान की मार से क्या मनुष्य, पशु-पक्षी भी परेशान हैं। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पारा चढ़ने से लोग पूरे दिन परेशान रहे। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने रविवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है।
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दोपहर में चली लू और धूल भरी हवाओं से लोग परेशान रहे। एक बार जो घर से निकला उसने छांव में जाकर ही चैन की सांस ली। पारे के लगातार बढ़ने से लोग बिलबिलाए हुए हैं। लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम 22 और शनिवार को अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम 26  डिग्री सेल्सियस रहेगा।

वहीं, रविवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 44 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेक राज का कहना है कि पारे का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। गर्मी अभी और लोगों को रुलाने वाली है। 
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बढ़ी हीट-स्ट्रोक के मरीजों की संख्या
बढ़ती गर्मी से हीट-स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मुहांसे, सनबर्न, उल्टी, दस्त, सिर में दर्द, दौरे पड़ने आदि से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनकी संख्या प्रतिदिन लगभग 50 है। पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। सीएमओ  डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि हीट-स्ट्रोक की शिकायत होने पर लोग ओआरएस का घोल पिएं और चिकित्सक को दिखाएं।

अब सात बजे खुलेंगे परिषदीय स्कूल
गर्मी को देखते हुए डीएम शुभ्रा सक्सेना ने परिषदीय स्कूलों के समय में बदलाव किया है। परिषदीय स्कूल अब सुबह सात बजे खुलेंगे और दोपहर 12 बजे बंद हो जाएंगे। डीएम के आदेश को बीएसए वेदराम ने सभी स्कूलों के हेडमास्टरों को अवगत करा दिया है।

बता दें कि अब तक परिषदीय स्कूल सुबह आठ बजे खुलते थे और दोपहर एक बजे के बाद बंद होते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से गर्मी ने सभी को बेहाल कर रखा है। जनपद में करीब परिषदीय स्कूलों में ना तो बिजली कनेक्शन हैं और ना ही पंखे आदि की व्यवस्था है।

जिन स्कूलों विद्युत कनेक्शन हैं भी तो वहां पंखे नहीं चल पाते। अधिकतर स्कूलों का बिजली बिल भी नहीं भरा गया है। शिक्षक नेता और अध्यापक भी गर्मी को देखते हुए स्कूल के समय में परिवर्तन करने की मांग कर रहे थे।
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