औरंगाबाद। निजी क्षेत्र की अनामिका शुगर मिल चालू होते ही बंद हो गई। माना जा रहा है कि आधी अधूरी तैयारियों के बीच अधिकारियों के दबाव के चलते मिल को पेराई सत्र का शुभारंभ करना पड़ा। सोमवार तक मिल बंद रह सकती है। ऐसे में 100 से अधिक किसान गन्ने से भरे वाहनों को गेट पर खड़ा करके लौट गए।
पिछले शुक्रवार को अनामिका शुगर मिल के नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ था। शुभारंभ होने के एक घंटे बाद ही मिल को बंद कर दिया गया। मिल के बंद होने से तौल गेट पर गन्ना सप्लाई करने वाले 100 से अधिक किसानों की टैक्टर ट्रालियां और बग्गियों की रविवार दोपहर तक लंबी लाइनें लग गई। किसानों ने मिल के अंदर जाकर जानकारी की तो पता चला कि बॉयलर के साथ मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है।
फिलहाल गन्ने की पेराई के साथ तौल बंद पड़ी हुई है। कुछ किसान मिल परिसर में ही रुककर तौल चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसान अजय चौधरी, ऋषिपाल सिंह, कुलदीप चौधरी, केपी सिंह व रमेश सिंह का कहना है कि गन्ने की छोल कराकर गन्ने की कटाई करके खेत में ही गन्ने को डाल रखा है। तौल न होने के कारण कटा गन्ना खेत में सूखने के कगार पर है।
तीस हजार क्विंटल का इंडेंट काटा, खरीद शून्य
अनामिका शुगर मिल के जीएम केन जितेंद्र पंवार ने बताया कि 6 और 7 नवंबर को मिल गेट पर गन्ना खरीद के लिए तीस हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया था। बावजूद इसके खरीद शून्य रही। जबकि चार दिन क्रय केंदों पर गन्ने की खरीद के लिए पचास हजार क्विंटल का इंडेंट किसानों को बांटा था। इसके सापेक्ष मात्र 13,500 क्विंटल ही गन्ना केंद्रों पर खरीद हो सकी। जबकि मिल प्रबंधन ने आठ और नौ नवंबर को गन्ने की खरीद के लिए न तो मिल गेट के लिए ओर न ही क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए इंडेंट काटा है। इस कारण मिल गेट सहित क्रय केंदों पर भी तौल बंद पड़ी हुई है।
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खैरपुर निवासी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि वह शनिवार रात गन्ना लेकर मिल पर पहुंचे थे। यहां पता चला कि तोल बंद पड़ी हुई है। देर शाम तक तौल चालू होने की बात सामने आ रही है।
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कड़कोडा निवासी विनोद ने बताया कि वह ट्रैक्टर से आठ नवंबर को गन्ना लेकर मिल पर पहुंचे थे। रविवार शाम चार बजे तक तौल नहीं हो सकी।
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कड़कोडा निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को टैक्टर में गन्ना भरकर मिल में सप्लाई के लिए गए थे। दो दिन से तौल बंद पड़ी हुई है।