‘मजबूत समाज बनाना है तो महिला (मां) को मजबूत करना होगा। सरकार महिला को मजबूत बनाने की ओर अग्रसर है। नारी शक्ति से ही बेहतर समाज का निर्माण हो सकता है।’ यह बात उत्तर प्रदेश सरकार और अमर उजाला की संयुक्त पहल पर बुधवार को ‘नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान’ विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास का असर दिख रहा है। माहौल बदलने लगा है, आपको महज नजरिया बदलना होगा। इस मौके पर अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से चलाई जा रहीं नारी कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी।
बुधवार को यमुनापुरम स्थित डीपीएस के ऑडिटोरियम में नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान विषय पर भव्य सेमिनार में डीएम ने कहा कि महिलाओें के अधिकारों पर काम चल रहा है। प्रदेश में तेजी से माहौल भी बदल रहा है, सिर्फ नजरिया बदलना होगा। नारी शक्ति के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए सरकारी योजनाओं की कमी नहीं हैं।
कमी उनकी जानकारी व धरातल पर सही क्रियान्वयन की है। उन्होंने कहा महिलाओं को अपने हक के लिए जागरूक होना होगा। महिलाओं को शिक्षित होना होगा। ऐसी कोशिश की जाए, ताकि सरकार की हर एक योजना अंतिम महिला तक पहुंच जाए। राष्ट्र की मजबूती के लिए महिला यानी मां को आर्थिक और शारीरिक रूप से मजबूत करना होगा।
मां शरीर से मजबूत होगी तो बच्चा भी मजबूत होगा। बच्चों को शारीरिक मजबूती देने के लिए हौसला पोषण मिशन, शिशु जननी सुरक्षा और टीकाकरण स्कीम चल रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाआें के प्रति नजरिया सम्मान का होना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारी जानने होंगे। डीएम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय और मीना मंच भी पर प्रकाश डाला।
डीएम ने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास यदि अंतिम आदमी तक नहीं पहुंच रहा तो मशीनरी के साथ आप भी जिम्मेदार हैं। इसलिए सबको अपनी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। मौजूदा परिवेश में नारी शक्ति को इस हद तक आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है कि घर और समाज के अहम फैसलों में महिला शक्ति की राय मजबूरी बन जाए। एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही 100 नंबर और 1090 हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी।
इससे पूर्व सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीएम एके सिंह, विशिष्ट अतिथि एसएसपी अनीस अहमद अंसारी, सीडीओ जसजीत कौर, सीएमओ दीपक ओहरी, वीसी प्राधिकरण शैलेंद्र चौधरी, डीपीएस प्रिंसिपल जेसी पंत और अमर उजाला के एवीपी अशोक शर्मा व जीएम भवानी शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। अध्यक्षता डीपीएस के प्रिंसिपल जेसी पंत और संचालन डा. रचना शर्मा ने किया।
बरसात भी नहीं बन सकी बाधा
बुधवार को झमाझम बारिश भी महिलाओं, स्टूडेंट्स और अधिकारियों का रास्ता नहीं रोक सकी। बारिश में ही महिलाएं समय से पहले ऑडिटोरियम में पहुंच गई। सुबह 11 बजे ‘नारी सम्मान’ पर सेमिनार शुरू होना था, लेकिन सुबह आठ बजे तेज बारिश शुरू हो गई। पूरा शहर ही बारिश के कारण तालाब बन गया।
इसके बाद भी महिलाएं और स्टूडेंटस कार्यक्रम में पहुंचे। तेज बारिश, जलभराव की अधिकारियों, स्कूलों के बच्चों, टीचर्स, महिला प्रिंसिपल, डॉक्टर्स, खिलाड़ी और समाजसेवियों परवाह नहीं और सेमिनार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भीगने के बाद भी काफी लोग कार्यक्रम में अंत तक डटे। कई लोगों ने खराब मौसम को देखते हुए सुबह कॉल्स भी किए, लेकिन कार्यक्रम के समय पर ही शुरू होने का पता चलते ही ऑडीटोरियम में समय से उपस्थित हो गए।
सरकारी मदद का गलत मतलब न निकालें
डीएम ने कहा कि यह धारणा बना ली गई कि सरकार अनहोनी का शिकार परिवारों की धन देकर मदद करने लगी है। सरकार की ओर से दिया जाने वाला पैसा पीड़ित परिवार के स्वावलंबन के लिए होता है ताकि पीड़ित परिवार को सामान्य परिवेश ढाला जा सके।
हाथों- हाथ बंट गए 100 फार्म
बुलंदशहर। ऐसा नहीं कि महिलाओं में प्रतिभा की कमी है। महिलाओं में कुदरत ने प्रतिभा कूट कूट कर भरी है। अंदाजा इसी से बखूबी लगाया जा सकता है कि नारी शिक्षा, सुरक्षा सम्मान विषय पर आयोजित सेमिनार में 100 महिलाओं ने आवेदन पत्र हाथों हाथ ले लिए।
आवेदन पत्र उन महिलाओं ने प्राप्त किया जिन्होंने विशिष्ट कार्य किए हैं। देर रात तक महिलाए आवेदन पत्र के लिए अमर उजाला कार्यालय का फोन करतीं रहीं। बता दें कि शिक्षा, कला, खेल, उद्यमिता, बहादुरी और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को मंडल और प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाना है।
बेटियों ने काव्यपाठ से दिया नारी शक्ति का संदेश
गांधी बाल निकेतन की हिमांश्ी प्रजापति, मोनिका और अर्चना कुमारी के काव्यपाठ से महिला शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने समाज में बेटियों की वर्तमान दशा के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं को कविता के माध्यम से जाहिर किया। साथ ही समाज और देश निर्माण में बेटियों के योगदान को उजागर किया। हर कविता पर ऑडिटोरियम दर्शकों की तालियों से गूंज उठा। बेटियों के काव्यपाठ को काफी सराहा गया।
गांधी बाल निकेतन की हिमांश्ी प्रजापति, मोनिका और अर्चना कुमारी के काव्यपाठ से महिला शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने समाज में बेटियों की वर्तमान दशा के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं को कविता के माध्यम से जाहिर किया। साथ ही समाज और देश निर्माण में बेटियों के योगदान को उजागर किया। हर कविता पर ऑडिटोरियम दर्शकों की तालियों से गूंज उठा। बेटियों के काव्यपाठ को काफी सराहा गया।
सेमिनार में यह रहे शामिल
सेमिनार में डीपीएस, आजाद पब्लिक स्कूल, सेंट आरजे, गांधी बाल निकेतन, आईपी पीजी कॉलेज, वीआईआईटी की छात्राएं मौजूद रहीं। इसके अलावा एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी अशोक वाजपेयी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी देहात पंकज पांडेय, डीडीओ आशुतोष दुबे, डीएसटीइओ अनुला वर्मा, एआरटीओ विनीत कुमार मिश्रा, डीएसओ केबी सिंह, जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह, बीएसए वेदराम, अधीक्षण अभियंता एके सिंह, अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा, एसडीएम सदर लालता प्रसाद शाक्य, एसडीएम शिकारपुर सुनील कुमार सिंह, एक्सइएन खुर्जा रामबाबू सिंह, डीआईओएस वीना यादव, सीडीपीओ प्रीति सिन्हा, महिला थाना प्रभारी रजनी, एसआई गयाश्री चौहान, प्रबंधक आजाद पब्लिक स्कूल वासिक आजाद, प्रोफेसर डॉ.अर्चना सिंह, कार्य कन्या इंटर कालेज की प्रिंसिपल डा. अनीता भारद्वाज आदि मौजूद रहीं।