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Bulandshahar News: 70 करोड़ से दूर होगी औद्योगिक क्षेत्र की जलभराव की समस्या

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औद्योगिक क्षेत्र में खस्ताहाल सड़क संवाद
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सिकंदराबाद। 70 करोड़ की लागत से औद्योगिक क्षेत्र की जलभराव की समस्या का समाधान किया जाएगा। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आईआईटी दिल्ली ने ड्रेनेज सिस्टम का ले-आउट तैयार कर लिया है।
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बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र में नालों के आपस में एक दूसरे से जुड़ा नहीं होने व बहुत से स्थानों पर नालों के टूटने और नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या रहती है। जलभराव के कारण अधिकांश सड़के टूट चुकी हैं। सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं। गड्ढों के कारण औद्योगिक क्षेत्र में तैयार उत्पाद को लेकर जाने वाले वाहनों, कच्चे माल लेकर आने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरने वाले क्षेत्र के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गड्ढों के कारण वाहन चालक अक्सर हादसे का शिकार होते रहते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति अधिक खराब हो जाती है। सड़के पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो जाती हैं। पानी फैक्टरियों में घुस जाता है। इससे उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ता है। शनिवार को भी तेज बारिश से औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव के कारण फैक्टरियों में पानी भर गया था। इससे उद्यमियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा था। यूपीसीडा के सीनियर मैनेजर एनके जैन ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली द्वारा सर्वे कर ड्रेनेज सिस्टम को ले आउट तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत औद्योगिक क्षेत्र में फिर से नालों का निर्माण किया जाएगा, नालों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम पर 70 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। औद्योगिक क्षेत्र में तीन सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित है। जिनमें मुख्य रूप से श्री सीमेंट, कजारिया टाईल्स, ओरियंट टाईल्स आदि शामिल है। सभी फैक्टरियों में तीस हजार से अधिक लोग कार्य करते हैं।
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