बुलंदशहर। खुर्जा में नगर पालिकाध्यक्ष ने बिना टेंडर प्रक्रिया के स्ट्रीट लाइटों को अपने आवास पर ठीक करवा दिया। अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पालिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पालिकाध्यक्ष अंजना भगवानदास सिंघल के आवास पर नगर पालिका की स्ट्रीट लाइटों को ठीक किया जा रहा है। वीडियो में पालिकाध्यक्ष के पति भगवानदास सिंघल भी दिखाई दे रहे हैं और मौके पर काफी संख्या में लाइटें ठीक हो रही हैं। इस पर पालिकाध्यक्ष का कहना है कि इस कार्य के लिए पालिका से पैसा नहीं लिया गया है।
यह है नियम
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी संपत्ति को पालिकाध्यक्ष या नगर पालिका ईओ बिना टेंडर प्रक्रिया के ठीक नहीं करा सकते। एक लाख रुपये से कम के कार्यों को पालिकाध्यक्ष और ईओ दोनों की स्वीकृति के बाद किया जा सकता है। उससे ऊपर के कार्यों को कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी है। अगर मामला स्ट्रीट लाइटों का है तो उनको ऊर्जा निगम के अधिकृत अधिकारी की देखरेख में ठीक कराया जाता है। ठीक होने के बाद उसकी एक साल या उससे अधिक की गारंटी भी होती है।
उठ रहे सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब नियम के अनुसार लाइटों को पालिकाध्यक्ष या ईओ ठीक नहीं करा सकते हैं तो पालिकाध्यक्ष के घर पर इतनी संख्या में लाइटें कैसे ठीक हो रही थीं। क्या उसके लिए स्वीकृति या एनओसी लेना अनिवार्य नहीं था। यह कार्य पालिका के स्टोर रूम में होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
सोडियम लाइट के चोक गायब
नगर पालिका की जो लाइटें ठीक हुई हैं, उन सोडियम लाइटों में से कॉपर के चोक गायब हो गए हैं। पुरानी एक चोक की कीमत करीब 500 से 600 रुपये है। अब सोडियम लाइट से निकली चोक कहां गायब हो गईं, किसी के पास इस बात का जवाब नहीं है। कई लाख रुपये के चोक गायब बताए जा रहे हैं।
पालिकाध्यक्ष बोलीं बिना टेंडर के कराया कार्य, नहीं लिया कोई पैसा
नगर पालिका अध्यक्ष अंजना भगवानदास सिंघल का कहना है कि घर पर लाइटें ठीक करा दी गईं तो इसमें क्या दिक्कत है। अपना पैसा लगाकर कार्य कराया था। जनता ने हमें चुना है, हम पर भरोसा किया है। अधिकतर निर्माण कार्य अपने पैसे से ठीक कराते हैं। जो लाइटें पहले एक हजार रुपये में ठीक होती थीं, उन्हें हम 500 रुपये में ठीक करा रहे हैं। लाइटों से कॉपर चोक चोरी करते हुए हमने कर्मचारियों को पकड़ा, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ईओ खुर्जा में रहते नहीं है। काम करने में दिक्कत आ रही है। वायरल वीडियो की बात रही तो हमने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाली है।
ईओ बोले- बिना टेंडर नहीं करा सकते कार्य
ईओ मोहम्मद अनवर हुसैन ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया होती है। जैम पोर्टल पर आवेदन किया जाता है। टेंडर होने के बाद ही लाइटों को ठीक कराया जा सकता है। पालिकाध्यक्ष या ईओ सरकारी संपत्ति को अपने घर पर ठीक नहीं करा सकते हैं। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। कार्यालय में अनुपस्थित रहने वाले आरोप निराधार हैं। मैं खुर्जा में रहकर ही कार्य करता हूं।