गांधी रोड स्थित एक बैंक की शाखा पर रुपये जमा करने आई वृद्धा से प्रबंधक ने अभद्रता की। विरोध करने पर वृद्धा के बेटे से भी हाथापाई की और मोबाइल छीन लिया। घटना पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शाखा प्रबंधक पर कार्रवाई के बजाए पीड़ित वृद्धा के बेटे को ही हिरासत में ले लिया।
गांधी रोड स्थित मोहल्ला ब्रह्मानंद निवासी शशिप्रभा शर्मा पत्नी दिनेशचंद्र शर्मा पुरानी तहसील पर स्टांप विक्रेता का काम करती हैं। शनिवार को वह अपने बेटे के साथ स्टांप बिक्री के 96 हजार रुपये जमा करने गांधी रोड स्थित बैंक शाखा पर आईं थीं। शशिप्रभा ने बताया कि सुबह उन्हें बैंक की तरफ से 105 नंबर की पर्ची मिली थी।
करीब 4 बजे जब वह रुपये जमा करने पहुंची तो तो शाखा प्रबंधक ने रुपये जमा करने से मना कर दिया। आरोप है कि प्रबंधक ने वृद्धा के साथ अभद्रता की। पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में लिया है।
करेंसी नहीं बदलने पर लोगों ने किया हंगामा
कैश की किल्लत के चलते बैंक आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं अधिकांश बैंकों के करेंसी नहीं बदलने पर लोगों ने हंगामा किया। वहीं दूसरी ओर तीसरे दिन भी बैंक ऑफ इंडिया में करेंसी नहीं पहुंचने पर लोग हंगामे पर उतारू रहे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से व्यवस्था को संभाला।
रुपये नहीं मिलने पर युवक ने बैंक पर फेंके पत्थर
पीएनबी की शाखा पर देर शाम शराब पीकर आए एक युवक ने पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। गांव सुल्तानपुर निवासी युवक नन्हे कई दिनों से रुपये निकालने के लिए लाइन में लग रहा था।
युवक की माने तो कई दिन घंटो लाइन में लगने के बाद भी वह रुपये नहीं निकाल सका। पथराव के चलते मौके पर मौजूद भीड़ में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी किसी तरह शराबी को चौकी ले गए।
वाणिज्य कर जमा करने को बनेंगे विशेष काउंटर
सभी बैंकों में वाणिज्य कर देय के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। वाणिज्य कर कमिश्नर उत्तर प्रदेश मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी जनपद के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि बैंकों में वाणिज्य कर देयों की जमा कराने के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था कराएं। जिससे अधिकतम राशि जमा हो सके।
खाद-बीज नहीं मिलने से किसान परेशान
किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए काम करने वाली सहकारी समिति के पुरानी करेंसी लेने से इंकार ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान खाद-बीज नहीं मिलने से परेशान हैं। किसानों ने बताया कि सहकारी समिति ने पुरानी करेंसी लेने से इंकार करते हुए उन्हें खाद-बीज देने से इंकार कर दिया। वह बुआई नहीं कर पा रहे हैं।