टाइल्स फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच में शासन ने नगर पालिका चेयरपर्सन को क्लीन चिट दे दी है। बता दें कि दिसंबर 2014 में जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने निर्माण कार्यों के दौरान टाइल्स फोड़कर चेयरपर्सन को जमकर फटकार लगाई थी।
इसके बाद जिलाधिकारी देश में सुर्खियों में आईं थी। डीएम का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था और चेयरपर्सन पिंकी गर्ग की मुश्किलें बढ़ गई थीं।
डीएम ने 16 दिसंबर 2014 को शासन को आख्या भेजी थी। डीएम की आख्या के बाद अपर निदेशक, स्थानीय निकाय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।
निदेशक स्थानीय निकाय की प्रति परीक्षण आख्या 5 नवंबर 2015 के संदर्भ में 25 जनवरी 2016 को चेयरपर्सन पिंकी गर्ग ने शासन के समक्ष अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत किया था।
चेयरपर्सन द्वारा दिए गए लिखित स्पष्टीकरण और अभ्यावेदन, अभिलेखों की जांच के बाद उन्हें शासन की तरफ से क्लीन चिट मिल गई है।
गौरतलब है कि चेयरपर्सन पिंकी गर्ग पर आरोप थे कि 2014-15 में छोड़े गए विज्ञापन होर्डिंग्स के ठेके, पार्किंग स्टैंड ठेके, सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स आदि में अनियमितता से पालिका को आर्थिक नुकसान हुआ था।
जिलाधिकारी द्वारा जो आख्या भेजी गई थी, उस पर हुई जांच में शासन की तरफ से क्लीन चिट मिल गई है। हमने जांच अधिकारी के समक्ष पूरा स्पष्टीकरण और अभिलेख प्रस्तुत कर दिए हैं। - पिंकी गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका