खुर्जा। दरिंदों ने सोचा था बेसहारा है विरोध नहीं करेगी... लेकिन उसने हिम्मत की और उनसे टकरा गई। बौखलाकर उसके प्राण लेने चाहे तो उसने हौसला दिखाया और उनके चंगुल को भेदकर बच निकली। आरोपियों ने अंतिम दांव चला और उसे नहर में धकेल दिया, वह तैरना जानती थी, वह उस मुसीबत को भी पार कर गई।
लड़की हर पल लड़ती रही और चालबाजों को उसके आगे हारना पड़ा। अब वे सलाखों के पीछे हैं। साहस की ये कहानी है उस लड़की की जो बुधवार को तड़के चीती गांव के पास नहर में मिली थी। वह टहनी और झाड़ियों का सहारा लेकर अपनी जान बचाने के लिए दो घंटे तक जूझती रही। अंत में ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बाहर आ सकी।
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों के कबूलनामे ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। मां के धोखे और ताई की बेरुखी के बाद जिस महिला को अपना पनाहगार समझा, उसी के पति ने दिल्ली में एक रिश्तेदारी में काम दिलाने का झांसा देकर 15 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। देहात थाना क्षेत्र के चीती गांव के पास हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात में आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनको पता था कि मुख्य मार्गों और हाईवे पर पुलिस की गश्ती गाड़ियां घूमती रहती हैं। इसलिए वे किशोरी को करीब तीन घंटे तक बाइक पर नहर की पटरियों, रजवाहों और ग्रामीण इलाकों के सुनसान रास्तों से घुमाते रहे। रास्ते में आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। किशोरी के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका गला दबाया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से चीती गांव के पास नहर में धकेल दिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह आठवीं तक पढ़ी है, उसे तैरना भी आता है। इसी के चलते उसने गहरे पानी में भी जिंदगी की जंग लड़ी। पानी का बहाव उसे छह-सात मीटर आगे तक ले गया, लेकिन उसने हार न मानते हुए किनारे की ओर लटकी पेड़ की टहनी और झाड़ियों को मजबूती से थाम लिया। करीब दो घंटे तक पानी में आधी डूबी रहने के बावजूद वह मदद की गुहार लगाती रही।
बुधवार तड़के करीब तीन बजे जब पास में रहने वाले ग्रामीण छोटे लाल पशुओं को चारा डालने उठे, तो अंधेरे में किशोरी की कराह और चीख सुनकर उनको इस बाबत जानकारी हुई। उन्होंने तुरंत गांव के अन्य लोगों को जगाया। नहर के दूसरी तरफ किशोरी फंसी होने के कारण छह-सात ग्रामीण बाइकों से करीब ढाई किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर पहुंचे। सूचना पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर आ गई।
इसके बाद ग्रामीण नरेंद्र और अरुण रस्सी के सहारे नहर में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद कांपती व बदहवास किशोरी को बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता और किशोरी के तैरने के हुनर ने उसे मौत के मुंह से खींच निकाला। पुलिस ने किशोरी को उपचार व डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सामूहिक दुष्कर्म का दूसरा आरोपी शफीक पुलिस मुठभेड़ में घायल, देर रात गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुर्जा (बुलंदशहर)। थाना खुर्जा देहात क्षेत्र में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले एक आरोपी शफीक को पुलिस ने बुधवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है। आरोपी शफीक मौके पर गिरा अपना मोबाइल फोन ढूंढ़ने के लिए वहां पहुंचा था।
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बुलंदशहर नगर निवासी महिला तारा, उसके पति शफीक और साथी भूरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। भूरा को शाम को ही हिरासत में ले लिया गया था। सामूहिक दुष्कर्म के दूसरे आरोपी शफीक की तलाश में पुलिस जुटी थी। बुधवार को रात में खुर्जा देहात पुलिस धरपा मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात में शामिल आरोपी शफीक नहर पटरी के पास मौजूद है।
पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके गोली लग गई। घायल को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि वारदात के दौरान आरोपी का मोबाइल गिर गया था। वह उसे ढूंढ़ने के लिए वे दोबारा वहां पहुंचा था।
पूछताछ में कबूली वारदात, दोनों को भेजा जेल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपनी दरिंदगी को कबूल लिया है। आरोपी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे वे किशोरी को अपने साथ ले गए थे। तीन से चार घंटे तक इधर-उधर घुमाने के बाद रात 11 से 12 बजे के बीच नगला चीती नहर के पास उन्होंने उससे दुष्कर्म किया। वारदात के बाद रात करीब डेढ़ बजे किशोरी उनके चंगुल से छूटकर भागी तो आरोपियों ने उसे नहर में धकेल दिया। वह तैरना जानती थी। इस कारण वह बच गई। आरोपियों ने उसे डूबा हुआ समझा और वहां से भाग निकले। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि, बचाने वालों को इनाम
बुधवार देर रात हुई पीड़िता की मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। वहीं, डायल 112 के कमांडर और सहचालक को किशोरी को नहर से सकुशल बाहर निकालने पर एसएसपी ने उन्हें 2500-2500 रुपये के इनाम की घोषणा की है। दुष्कर्म की पुष्टि आधिकारिक रूप से करने में पुलिस अभी बच रही है। एसपी देहात ने बताया कि शुक्रवार को पीड़िता को न्यायालय के समक्ष पेश कर उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
चारा काटती है ताई, आरोपी करते हैं सप्लाई
पीड़िता की ताई मशीन से चारा काटने का काम करती है। वहीं आरोपी शफीक और उसका दोस्त भूरा डेरियों और पशु पालकों को चारा सप्लाई का काम करते हैं। पीड़िता की ताई ने ही शफीक के यहां काम सीखने और कुछ दिन रहने के लिए भेजा था। 26 सितंबर को ही पीड़िता आरोपी तारा और शफीक के यहां पहुंची थी। मंगलवार को वह दिल्ली में रह रही रिश्ते की ताई की बेटी के यहां जा रही थी।
26 सितंबर को ही पहुंची थी तारा के घर, शरण देने वाले ही बन गए भक्षक
पीड़िता के पिता और दादा-दादी की पहले ही मौत हो चुकी है। मां ने दूसरा विवाह कर लिया और राजस्थान चली गई थी। मां जब उसे बेचने की साजिश रचने लगी, तो वह ताई के पास पहुंची। ताई ने उसे 26 सितंबर को ही बुलंदशहर निवासी तारा के पास घरेलू काम के लिए भेज दिया। तारा ने दिल्ली में काम का बहाना बनाकर अपने पति शफीक के साथ भेजा, जिसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
रात तक पहुंचेगी मां.. वन स्टॉप में रहेगी पीड़िता
पुलिस ने बताया कि वारदात की सूचना पीड़िता के बताए पते व परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी मां को दे दी गई थी। देर रात तक उसके बुलंदशहर पहुंचने की उम्मीद है। जिसके बाद मां-बेटी की मुलाकात कराई जाएगी। साथ ही पीड़िता ने अपनी मां पर जो आरोप लगाए हैं, उस संबंध में भी मां से बातचीत की जाएगी। फिलहाल पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षा के बीच रखा गया है।