स्वास्थ्य कर्मी से एआरवी लगवाता युवक। संवाद
बुलंदशहर। डॉक्टर साहब मेरे जख्म पर कुत्ते की लार टपक गई, रेबीज तो नहीं होगा...। मुझे दो माह पूर्व कुत्ते ने काट लिया था, तब एआरवी नहीं लगवा सका था। अब लगा दीजिए। इस तरह के मामले लेकर प्रतिदिन जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। जरूरी होने पर संबंधित को एआरवी लगाई जा रही है। मंगलवार को जख्म गहरे होने पर तीन लोगों को एआरएस लगाया गया।
सदर तहसील क्षेत्र निवासी युवक सुभाष ने बताया कि तीन दिन पूर्व एक चाय की दुकान के पास बैठा था। तभी एक कुत्ता आ गया और उसकी लार उल्टे पैर पर हो रहे जख्म पर टपक गई। रेबीज न हो, इसलिए एआरवी लगवाने आया हूं।
वहीं खुर्जा क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय कासिम पुत्र नदीम मंगलवार को जिला चिकित्सालय पहुंचा। कासिम ने बताया कि एक साल पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। उसके बाद अब ढाई माह पूर्व एक कुत्ते ने सीधे हाथ की हथेली पर काट लिया। मंगलवार को समय मिला तो एआरवी लगवाने के लिए आया हूं।
इसके अलावा पांच से छह लोगों ने कुत्ते के हाथ चाटने, पंजा लगने आदि की समस्या बताकर एआरवी लगवाने की बात कही। वहीं, खुर्जा क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय सचदेवा, रोहिंदा गांव निवासी 12 वर्षीय रिहान एवं सरदार नगर निवासी छह वर्षीय शशांक को कुत्ता काटने पर गहरा जख्म हो गया। इन सभी के जिला चिकित्सालय में एंटी रेबीज सीरम लगाया गया।
ओपीडी में 140 से 180 लोग प्रतिदिन एआरवी लगवाने आते रहते हैं। इनमें कुछ के हल्के जख्म होते है। मंगलवार को तीन लोगों को कुत्ता-बंदर काटने के गहरे जख्म होने पर एआरएस लगाया गया। - डॉ. तेज सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला चिकित्सालय