बुलंदशहर जेल का कैदी बृहस्पतिवार शाम मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड से फरार हो गया। कैदी की निगरानी के लिए दो सिपाही तैनात थे।
जिनमें एक टॉयलेट चला गया तो दूसरा टहलने निकल गया। वापस लौटने पर कैदी बेड से गायब मिला तो हड़कंप मच गया।
मेडिकल थाना पुलिस ने केस दर्ज करते हुए दोनों सिपाहियों को हिरासत में ले लिया है। देर रात तक पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं लगा।
इस मामले में दोनों सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को कोर्ट से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के हलपरा गांव निवासी आदित्य पुत्र कैलाश ने अपनी पत्नी की हत्या की थी। जिसमें कोर्ट ने आदित्य को 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
बुलंदशहर जेल में बंद कैदी करीब चार साल की सजा काट चुका था। कूल्हे में समस्या के चलते 18 नवंबर को कैदी को मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था।
कैदी की निगरानी के लिए सिपाही हरपाल सिंह और जितेंद्र तैनात थे। शाम के समय कैदी बेड पर था। इस बीच एक सिपाही बाथरूम चला गया, जबकि दूसरा वार्ड से बाहर टहलने निकल गया।
कुछ देर बाद दोनों सिपाही वार्ड में लौटे तो बेड से कैदी गायब था। इसका शोर मचने पर मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया।
कैदी के फरार होने की सूचना पर एसओ मेडिकल बचन सिंह सिरोही अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। रात तक कैदी का कोई पता नहीं चल सका।
एसओ का कहना है कि कैदी की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले दोनों सिपाहियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। दोनों को कोर्ट से बेल मिल गई।