जिला प्रशासन शीघ्र ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू करेगा। प्रशासन ने अधिग्रहण की गई जमीन पर कब्जा छोड़ने को लेकर किसानों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि किसान काफी समय से वाजिब मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि किसानों को नियम और शर्तों के तहत मुआवजा दिया जा चुका है।
रेलवे ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के लिए बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद में भूमि का अधिग्रहण किया था। इन इलाकों के 12 गांवों के किसान लंबे समय से वाजिब मुआवजे की मांग पर अड़े हैं और जमीन पर कब्जा नहीं दे रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जमीन का मुआवजा यमुना एक्सप्रेस वे की तर्ज पर दिया जाए। कम मुआवजा स्वीकार नहीं है। वहीं एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि किसान बढ़ा हुआ मुआवजा भी ले चुके हैं।
नियम और शर्तों के मुताबिक किसानों को जितना मिलना चाहिए उतना पैसा मिल चुका है। किसान जनपद न्यायालय में भी गए हैं। किसान न्यायालय के फैसले का इंतजार करें और जमीन पर कब्जा छोड़ दें।