पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से 37 रिटायर्ड कर्मचारियों को 15 साल तक उनके वेतन के बराबर पेंशन दी जाती रही। मामला संज्ञान में आने पर लाभार्थियों से 20 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई। अब एसई ने एक्सईएन से इस मामले की रिपोर्ट तलब की है।
साथ ही ज्यादा पेंशन लेने वालों और पेंशन जारी करने वाले क्लर्क को नोटिस जारी किया है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। एक्सईएन रामबाबू ने बताया कि हेड कैशियर की मिलीभगत से खुर्जा खंड से पेंशन ले रहे 37 रिटायर्ड कर्मियों को 15 साल से उनके वेतन के बराबर ही पेंशन का भुगतान किया जा रहा था।
बदले में वसूली करने का भी शक है। करीब 60 -70 लाख रुपये ज्यादा पेंशनर्स को बांट दिए गए। पिछले दिनों मामले की जानकारी होने पर आरोपी क्लर्क का ट्रांसफर गाजियाबाद के लोनी कर दिया गया। आरोपी क्लर्क और सभी 37 पेंशनर्स को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने कर्मियों से 20 लाख रुपये की रिकवरी कर ली है।
अब क्लर्क और पेशनर्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कहां तक कर्मचारियों और अफसरों की मिलीभगत रही है।