बुलंदशहर। अगौता थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी मानसिक दिव्यांग महिला के साथ खेत पर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को न्यायलय अपर सत्र न्यायाधीश, न्याय कक्ष संख्या तृतीय अशोक कुमार सिंह दशम के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही उसे दस वर्ष का सश्रम कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रवीण कुमार राणा ने बताया कि 11 जून 2020 को अगौता थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने पर तहरीर दी थी। तहरीर में उसने बताया था कि उनकी 35 वर्षीय बहन मानसिक रूप से दिव्यांग है। 11 जून की दोपहर को वह गांव के बाहर गोबर डालने के लिए गई थी। उस दौरान वहां पहले से ही गांव निवासी आरोपी व्यक्ति सतीश मौजूद था। आरोपी ने पीड़ित की बहन की मानसिक दिव्यांगता का फायदा उठाते हुए उसे खेत में खींच लिया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बहन के शोर मचाने पर अन्य लोगों को आता हुआ देख आरोपी मौके से उसे हत्या की धमकी देकर भाग निकला था। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषी मानते हुए दस वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। अर्थदंड की धनराशि में से सात हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश भी दिए गए हैं।