बुलंदशहर। देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को बहलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम तरुण सिंह प्रथम के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने कारावास के साथ 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने चार जनवरी 2015 को थाने पर तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री को दो रिश्तेदार युवक बहलाकर अपहरण कर अपने साथ ले गए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में दोनों युवकों की नामजदगी गलत पाई गई। जबकि, अलीगढ़ निवासी जफरुद्दीन का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया था। पूछताछ में किशोरी ने बताया था कि आरोपी उसे बहला कर ले गया था। आरोपी ने इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर उसे रखकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों युवकों के नाम पृथक कर आरोपी युवक का नाम चार्जशीट में दाखिल कर दिया। साथ ही बहलाकर ले जाने के अलावा दुष्कर्म की धारा भी तरमीम कर दी।
पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। जिस पर अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर युवक को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे दस वर्ष का कारावास व 35 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।