बुलंदशहर। दस्तावेजों में छेड़छाड़ करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग की जमीन बिक्री की अनुमति की फाइल पास करने के मामले में अब तहसीलदार खुर्जा सचिन कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। डीएम ने तहसीलदार को हटाते हुए डिबाई तहसील में तहसीलदार न्यायिक की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा चार नए तहसीलदारों को भी जिले में पहली तैनाती दी गई है।
नगर के मोहल्ला साठा निवासी विपिन अग्रवाल ने बताया कि सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव फतेहपुर जादौं निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने खुर्जा के गांव दस्तूरा स्थित अपनी भूमि बेचने की अनुमति मांगी थी। प्रारंभिक जांच में आवेदन निरस्त कर दिया गया था, लेकिन बाद में आधार कार्ड में पता बदलवाकर दोबारा आवेदन किया गया। इसके बाद फाइल तहसीलदार, एसडीएम स्तर से पास होकर एडीएम न्यायिक के पास पहुंची और अनुमति जारी कर दी गई थी। मामले में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया और जांच के लिए एडीएम वित्त अभिषेक कुमार को जिम्मेदारी दी। साथ ही पटल देख रहे एडीएम न्यायिक से यह जिम्मेदारी वापस ले ली थी। इसके साथ ही एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय का तबादला करते हुए शिकारपुर में एसडीएम न्यायिक बनाया था। अब डीएम ने मामले में फाइल पास करने वाले तहसीलदार सचिन कुमार का भी तबादला करते हुए डिबाई तहसील में तहसीलदार न्यायिक बनाया है।
विक्रेता ने दर्ज कराए बयान, जल्द जांच पूरी होने की उम्मीद
डीएम के आदेश पर प्रकरण की जांच एडीएम वित्त द्वारा की जा रही है। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि मामले में जमीन विक्रेता गांव फतेहपुर जादौं निवासी पुष्पेंद्र ने अपने बयान जांच अधिकारी के समक्ष दर्ज करा दिए हैं। इसके अलावा शिकायतकर्ता व अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। यह भी बताया गया कि प्रथम दृष्टया जांच में गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही जांच पूरी करते हुए रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
चार नए तहसीलदारों को मिली तैनाती
डीएम ने जिले में ट्रांसफर होकर आए चार नए तहसीलदारों को भी तैनाती दी है। इसमें आलोक कुमार को तहसीलदार सिकंदराबाद न्यायिक, पल्लवी बानिया को तहसीलदार न्यायिक खुर्जा, जतिन गोस्वामी को तहसीलदार खुर्जा और पदोन्नत होकर तहसीलदार बने दुष्यंत कुमार को तहसीलदार न्यायिक सदर की जिम्मेदारी दी है।