बुलंदशहर। जिला क्षय रोग कार्यालय में सोमवार को सात सूत्री मांगों को लेकर टीबी के संविदा कर्मचारियों विरोध जता हड़ताल शुरू की। टीबी कर्मचारियों का कहना है कि पिछले काफी समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं हो रहा। मांगों का जल्द समाधान न होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी। हड़ताल से टीबी मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
टीबी कंट्रोल एंप्लाईज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश पुंडीर ने कहा कि टीबी के संविदा कर्मचारी लंबे समय से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों की जांच, उपचार, फॉलोअप व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को वेतन, सामाजिक सुरक्षा व भविष्य की सुरक्षा से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबित मांगों को लेकर हड़ताल की गई।
सभी ने शासन व संबंधित विभाग से मांग की कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और उन्हें आवश्यक सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। एसोसिएशन के महामंत्री सौरभ तेवतिया ने कहा कि हमारी प्रमुख मांगें समान कार्य-समान वेतन, ईपीएफ, कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस, मृत्यु के उपरांत आश्रित को नौकरी, लॉयल्टी बोनस, वार्षिक वेतन वृद्धि व समय पर वेतन व अन्य सुविधाएं देने की हैं।
इस दौरान हिमांशु राणा, गिरेंद्र राणा, संदीप राघव, संजय सिंह, अशोक कुमार, शैलेंद्र कुमार, विवेक राज, राकेश कुमार, राजकुमार, जयदीप सिंह, चंदन शर्मा, परमानंद शर्मा, विशाल कुमार, सविता, पूनम, निशा, हिमानी शर्मा व विनीत सत्यार्थी आदि मौजूद रहे।
टीबी रोगियों को हुई परेशानी
टीबी कर्मचारियों की हड़ताल से सोमवार को जांच समेत अन्य सुविधाएं बंद रहीं। ऐसे में उपचार कराने आए खासकर नए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शमीम ने बताया कि पिछले काफी समय से खांसी रहने पर चिकित्सक ने टीबी की जांच कराने को कहा। यहां आया तो कर्मचारी हड़ताल में जाने की बात बताई।
कोट
कर्मचारियों की हड़ताल से कुछ परेशानी हुई है। पुराने मरीजों को पर्चे के अनुसार दवा दिलाई गई। एक कर्मचारी को जांच के लिए लगाया गया है। - डॉ. हेमंत रस्तोगी, जिला क्षय रोग अधिकारी
जिला क्षय रोग कार्यालय में विरोध जताते संविदा टीबी कर्मी। स्रोत : संगठन