10-15 वर्ष पुरानी डीजल-पेट्रोल से चलने वाली जिले की 2710 टैक्सियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रवेश नहीं मिलेगा। एनजीटी के आदेश से जनपद के टैक्सी मालिकों में रोष है। बता दें कि, बुलंदशहर में 10-15 वर्ष पुरानी डीजल पेट्रोल चलित टैक्सियों की संख्या 2710 है।
जनपद में 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों की संख्या 37,200 है। 15 वर्ष पुराने पेट्रोल चलित वाहन 21,275 और 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों की संख्या 15,925 है। इनमें से 2710 टैक्सियां भी हैं। टैक्सियों का रोजाना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आना-जाना होता है। बता दें कि, ये वाहन एनसीआर में पर्यावरण के लिए खतरा बन गए हैं।
इसलिए एनजीटी ने ऐसे वाहनों को कुछ शर्तों के साथ एनसीआर की सीमा में घुसने की अनुमति दे रखी थी। शनिवार के आदेश में एनजीटी ने टैक्सियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश से जनपद में की 2710 टैक्सी मालिक प्रभावित होंगे। वहीं, एनजीटी के आदेश से टैक्सी मालिकों की बेचैनी बढ़ गई है।