फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: डाकघर-पुलिस लाइन पर 30 लाख रुपये का टैक्स बकाया

विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। शहर में स्थित सरकारी विभागों के कार्यालय ही नगर पालिका को जलकर और गृहकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि शीर्ष पांच बड़े बकायेदारों में से चार बकायेदार सरकारी विभाग हैं। कुल 55 हजार करदाताओं में से करीब 17 हजार करदाताओं पर नगर पालिका का पांच करोड़ रुपये कर बकाया है। आय न बढ़ने के कारण नगर पालिका अतिरिक्त कार्यों के लिए सरकार के बजट पर निर्भर है।
विज्ञापन


भले ही निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन बुलंदशहर नगर पालिका आत्मनिर्भर बनने की राह से भटकी हुई है। न तो करदाताओं से अपेक्षित वसूली हो पा रही है और न ही गोशालाओं से गोबर के उत्पाद बनाकर और कूड़े के निस्तारण से होने वाली आय अभी तक नगर पालिका को प्राप्त हुई है।
नगर पालिका को मिलने वाली सबसे बड़ी आय 55 हजार से अधिक करदाताओं के गृह और जलकर से होती है, लेकिन इसकी वसूली के लिए भी अधिकारी गंभीर नहीं है। शहर में स्थित सरकारी विभागों पर ही नगर पालिका का करोड़ों रुपये का कर बकाया है। इसके अलावा कोर्ट में लंबित वादों के निस्तारण के लिए भी नगर पालिका अधिकारी ठोस पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते बकायेदारों से टैक्स वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है।
विज्ञापन


4000 से अधिक बकायेदारों का विभिन्न कोर्ट में लंबित है वाद

नगर पालिका के चार हजार से अधिक करदाताओं के मामले विभिन्न स्तर पर कोर्ट या अधिकारियों के कार्यालयों में लंबित हैं। इसके चलते अभी तक ऐसे करदाताओं की ओर से लंबे समय से कर जमा ही नहीं किया गया है। इसके साथ ही कर वृद्धि को लेकर पूर्व में की गई कार्रवाई के बाद भी अभी तक बढ़े हुए कर की वसूली नहीं की गई है।



कूड़ा निस्तारण के नाम पर खानापूर्ति

नगर पालिका ने कूड़ा निस्तारण के लिए गांव भाईपुरा पर 1.5 करोड़ की लागत से प्लांट लगा दिया। प्लांट पर कूड़ा अलग-अलग करते हुए इसे बेचकर नगर पालिका की आय बढ़ाई जानी थी, लेकिन न तो इससे नगर पालिका की आय बढ़ी और न ही कूड़े का निस्तारण कर लोगों को फायदा पहुंचाया गया। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए छह एमआरएफ सेंटर का भी अभी तक संचालन नहीं कराया गया।



पांच बड़े बकायेदार

डाकघर - 15 लाख

पुलिस लाइन – 14 लाख

यूपी फेडरेशन – 5 लाख

नगर कोतवाली – 5 लाख

रानी बाला गौड़ - 1.06 लाख





करदाताओं से कर वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि कुछ प्रकरण मंडलायुक्त के पास लंबित है। जल्द सभी प्रकरणों का निस्तारण कराया जाएगा। कर वसूली के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। - मनोज रस्तोगी, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें