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सब्जी के दाम बढ़ने से बिगड़ा थाली का स्वाद

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लालतालाब सब्जी मंडी में बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां। - फोटो : BULANDSHAHR
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सब्जी के दाम बढ़ने से बिगड़ा थाली का स्वाद
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बुलंदशहर। सब्जी के दामों में महंगाई का तड़का लगने से आमजनों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सब्जी के दाम एकाएक बढ़ने से थाली से स्वाद गायब होने लगा है। पिछले एक सप्ताह में ही कई बार सब्जियों के दाम बढ़ने से लोग कम से कम सब्जी खरीद कर काम चलाना चाहते हैं।
लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। जब से कोरोनाकाल शुरू हुआ है तब से महंगाई में और इजाफा हुआ है। बहुत से लोगों का रोजगार जा चुका है। लोगों को घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। अधिकतर परिवार किसी तरह से दो जून की रोटी का जुगाड़ कर पा रहे हैं। इस समय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी खाने में सब्जी बहुत जरूरी है लेकिन अचानक से सब्जी के दामों में आया उछाल लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
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यह हैं आजकल सब्जियों के दाम
सब्जी एक सप्ताह पहले के रेट प्रति अब के रेट प्रति किलो
आलू 25 से 30 रुपये 35 रुपये से 40 तक
बैगन 20 रुपये 40 रुपये तक
भिंडी 20 रुपये 40 रुपये से अधिक
लौकी 10 से 15 रुपये 40 रुपये
तोरई 10 से 15 रुपये 40 रुपये
हरी मिर्च 10 से 15 रुपये 40 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 80 रुपये
फूल गोभी 30 से 40 रुपये 70 से 80 रुपये
प्याज 20 रुपये 30 रुपये
कासीफल 10 से 15 रुपये 40 रुपये
टमाटर 60 रुपये 70 रुपये
अरबी 20 रुपये 40 से 50 रुपये
इस समय सभी सब्जियों के दाम आसमान को छू रहे हैं। इतनी मंहगी सब्जी देखकर सोचना पड़ता है कि क्या बनाए क्या नहीं। मंहगी सब्जियों ने रसोई का सारा गणित ही बिगाड़ दिया है। - शिल्पी राजपूत, निवासी सुजापुर।
आलू का प्रयोग अधिकतर सभी सब्जियों में होता है लेकिन आज आलू का मूल्य 40 रुपये किलो है। वहीं, टमाटर सत्तर रुपये किलो में बिक रहा है। यह सब्जियां पहले 20 रुपये किलो तक मिल जाती थी। - पूनम गिरि, निवासी चचौई।
आलू, प्याज और टमाटर तो मंहगे हुए ही हैं, हरी सब्जियाें के दाम भी आसमान छू रहे हैं। महंगाई देखकर अब दाल का ही सहारा है। सरकार को कुछ सोचना चाहिए इन मंहगी सब्जियों के बारे में। - रीना चौधरी, निवासी सुशीला विहार।
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बाजार में एकाएक सब्जियों के दाम बढ़ने से थाली से सब्जियों का स्वाद गड़बड़ा गया है। दाम बढ़ने के बाद लोग जरूरत के हिसाब से ही सब्जियां खरीद रहे हैं। पता नहीं कब दाम कम होंगे। - गरिमा गोस्वामी, निवासी रंगपुर।
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