बुलंदशहर। ठंड के मौसम में हृदय संबंधी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। ऐसे रोगियों की संख्या 50 फीसदी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में हृदय रोग जांच की सुविधा न होने पर मरीज निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो सर्दी के मौसम में तापमान कम होने से खून के थक्के जमने लगते हैं। इसलिए इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
आईएमए अध्यक्ष एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. एसके गोयल के अनुसार सर्द मौसम का सबसे ज्यादा असर दिल के रोगियों पर पड़ता है। इस समय निजी अस्पतालों में हृदय रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार से दस बजे तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे में उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन हेमरेज और हार्टअटैक का खतरा बढ़ता है। निजी अस्पतालों में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज भर्ती भी हो रहे हैं। इन दिनों 40 साल से अधिक उम्र के कई लोगों को हार्टअटैक जैसी समस्या देखने को मिली है जबकि 40 साल से कम के युवा भी हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- धूप निकलने पर ही निकलें घर से बाहर।
- भारी व्यायाम से बचें।
- आसान या फिर एरोबिक एक्सरसाइज करें।
- मोटापे का शिकार लोग सुबह की सैर से परहेज करें।
- रोजाना थोड़ा वक्त धूप में बिताएं।
- नमक और चिकनाई का कम से कम इस्तेमाल करें।