पहासू। थाना क्षेत्र के सोही गांव में बेटे की गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपी पिता कन्हैया ने पुलिस को दिए बयान में जुर्म कबूल कर लिया। रोते हुए उसने कहा कि साहब मुझे अपने किए पर बहुत पछतावा है। शायद इस गुनाह के लिए मुझे भगवान भी माफ न करें। अपने लाडले बेटे की हत्या में आरोपी कन्हैया अपनी शराब की लत को सबसे बड़ा कारण मान रहा है।
सोही गांव में मंगलवार दोपहर शराब पीने का विरोध करने पर कन्हैया और उसकी पत्नी खुशबू के बीच झगड़ा हो गया था। गुस्से में खुशबू अपनी तीन वर्षीय बेटी को लेकर अलीगढ़ स्थित मायके चली गई थी। छह वर्षीय बेटा तरुण अपने पिता कन्हैया के पास ही रुक गया। शाम को कन्हैया ने गुस्से में मां के पास जाने की जिद कर रहे तरुण की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
इसमें खुशबू ने आरोपी कन्हैया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कन्हैया ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह फरीदाबाद में नौकरी करता था और परिवार के साथ रहता था। एक माह पहले पिता की मौत के बाद गांव में बच्चों को लेकर आया था। इसके बाद अमरपुर गांव के ईंट भट्टे पर चौकीदारी की नौकरी करता था।
मंगलवार को झगड़े के बाद खुशबू मायके चली गई। जब शाम को भट्टे पर जाने लगा तो तरुण मां से फोन पर बात करने की जिद करने लगा। कन्हैया ने फोन मिलाया तो ससुर ने उठाया जो घर से बाहर थे। खुशबू से बात नहीं हो सकी। तरुण लगातार जिद कर रहा था। उसको चुप करने लिए कचरी भी लाकर दी लेकिन वह शांत नहीं हो रहा था। गुस्से में आकर कन्हैया ने उसका गला दबा दिया। उसने अपनी भांजी अन्नू को फोन कर जानकारी दी कि उसने तरुण की हत्या कर दी है। अन्नू ने कन्हैया की मां कमलेश को फोन पर जानकारी दी।
एक माह में बिखर गया परिवार
एक महीने पहले कन्हैया के पिता महीपाल की बीमारी से मौत हो गई। अब छह वर्षीय मासूम की मौत के बाद पूरा परिवार बिखर गया। बेटे की हत्या में आरोपी कन्हैया जेल चला गया। घर में केवल कन्हैया की मां कमलेश, पत्नी खुशबू और बेटी भूमिका ही रह गए।