बुलंदशहर। जिले में 59878 ऐसे किसान हैं, जिनकी ई-केवाईसी नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि रुकी हुई हैं। किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों के खाते अब डाकखाने में भी खोले जाएंगे। इसके लिए डाक विभाग के कर्मी कृषि विभाग के कर्मियों के साथ मिलकर किसानों को खाता खुलवाने के लिए प्रेरित करेंगे। डाकघर में तुरंत खाता खुलवाकर सम्मान निधि का लाभ ले सकेंगे।
चार साल पूर्व केंद्र सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत दो हेक्टेयर यानी अधिकतम आठ बीघे में खेती करने वाले किसानों को प्रतिवर्ष चार-चार महीने के अंतराल पर छह हजार रुपये दिए जाते हैं। दो साल पहले तक इस योजना की धनराशि बिना आधार लिंक खातों में भेजी जा रही थी लेकिन, एक साल पहले एक अप्रैल से केंद्र सरकार ने इस योजना को आधार से लिंक और भू-लेख अंकन कराने का निर्णय लिया। आधार लिंक व भू-लेख अंकन कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2023 निर्धारित की गई लेकिन, जिले में 59878 किसान ऐसे है जिन्होंने अपने खातों को आधार से लिंक नहीं कराया। इसको देखकर डाक विभाग ने किसानों के खाते डाकखाने में खुलवाने का निर्णय लिया है। डाक अधीक्षक त्रिभुवन प्रताप सिंह ने बताया कि 59878 किसानों की सम्मान निधि ई-केवाईसी न होने के कारण रुक गई है। ऐसे किसानों को डाकघर में खाता खुलवाने की सुविधा दी जा रही है। डाकघर में मात्र 200 रुपये से खाता खुलवा सकते हैं। खाता खुलने के बाद ऑटोमेटिक आधार लिंक होने से सम्मान निधि उनके खाते में पहुंच जाएगी। किसानों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव शिविर लगाकर खाते खोले जा रहे हैं। बताया कि डाकघर में खुलने वाले बचत खातों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से खुलने वाले खातों के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लिया जा सकता है।