जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार से मारपीट का मामला फिर सुर्खियों में है। स्वतंत्र भारद्वाज ने घटना पर सफाई देते हुए आत्मरक्षा का दावा किया है। वहीं भारद्वाज के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार भी किया। आखिर उस दिन क्या हुआ था और विवाद कैसे शुरू हुआ, पढ़िए पूरी खबर।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। एफआईआर और स्वतंत्र भारद्वाज के बयान के मुताबिक, विवाद वीडियो बनाने को लेकर शुरू हुआ था। इस मामले को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने पॉडकास्ट में किए गए दावे पर सफाई दी है।
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#WATCH | Bulandshahr, Uttar Pradesh | On his claim made on a podcast of attacking CJP activist Nishu Azad's father during CJP protest at Jantar Mantar, Swatantra Bharadwaj says, "What people are calling an attack was an act of self-defence. If I had not acted in self-defence, I… pic.twitter.com/iU9fpeNxVC
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि जिस घटना को लोग हमला बता रहे हैं, वह आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था। उनका दावा है कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और अगर उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई नहीं की होती तो भीड़ उन्हें पीट-पीटकर मार सकती थी या उनकी जान जा सकती थी। उन्होंने कहा कि संजय कुमार पर हमला करने का उनका कोई प्रयास नहीं था और उनके पास इसका वीडियो भी है।
उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा में कार्रवाई के दौरान संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी। उनके मुताबिक, दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट में संजय कुमार को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि वह मामले की चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि 'जो लोग कह रहे हैं कि कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण मुझे रिहा किया गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों जैसे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि व्यंग्य में क्या कहा गया था।'
इस मामले को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कॉकरोच जनता पार्टी और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट और ट्वीट के जरिए प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
पवन खेड़ा का पलटवार
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सौरभ भारद्वाज द्वारा दिए गए सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "समाचार एजेंसी द्वारा इस बयान को चलाना और इस तरह इस दक्षिणपंथी कट्टरपंथी और उसके साथियों के अराजक और हिंसक एजेंडे को बढ़ावा देना बेहद चिंताजनक है। सिर्फ नुकसान की भरपाई के लिए जारी किया गया एक मनगढ़ंत बयान ताकि उसे उस कबूलनामे के लिए परिणाम भुगतने से बचाया जा सके, जो वह वीडियो में पहले ही कर चुका है पर्याप्त नहीं है। और एक स्पष्ट कबूलनामे को केवल 'व्यंग्य' बताकर खारिज कर देना भी पर्याप्त नहीं है। स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद को बेनकाब कर दिया है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने उन लोगों को भी उजागर कर दिया है, जो हिंसा करने वालों को उकसाते हैं, उन्हें सक्षम बनाते हैं और उनका संरक्षण करते हैं। देश ने देखा है कि क्या हुआ। और देश यह सुनिश्चित करेगा कि न्याय मिले।"
For ANI to run this statement and thereby amplify the anarchic and violent agenda of this RW extremist and his ilk is deeply problematic.
A cooked-up statement issued purely as damage control — to prevent him from facing the consequences of a confession he has already made on… https://t.co/DL20BkfLbq
निशु आजाद को राहुल गांधी ने दिया भरोसा
निशु आजाद ने वायरल वीडियो को लेकर दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कबूली है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी से न्याय की गुहार लगाई। इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए निशु को साथ देने का भरोसा दिया।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। संजय नामक व्यक्ति को सिर में चोटें आई थीं। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।