अब सूरज की रोशनी से दूध में मिलावट का पता लगेगा। इसी क्रम में पराग ने जनपद में 21 सोलर पावर मिल्क कलेक्शन यूनिट्स की स्थापना की है। प्रत्येक यूनिट पर दूध की जांच के लिए सोलर पावर किट रखी गई है।
सोलर पावर किट का काम न सिर्फ दूध की गुणवत्ता परखना होगा, बल्कि दूध को तौलना भी रहेगा। सोलर किट दूध में वसा और एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) की मात्रा का पता लगाएगी। बता दें कि सोलर किट सूर्य की किरणों से चार्ज होगी। बिजली नहीं होने पर भी सोलर किट आसानी से दूध में मिलावट का पता लगा सकेगी।
पराग के प्रबंधक वीएस तेवतिया ने बताया कि सोलर किट से दूध की गुणवत्ता परखी जा रही है। अब दूध में मिलावट की आशंका खत्म हो गई है। 21 कलेक्शन यूनिटस पर सोलर किट से दूध की गुणवत्ता को मापा जा रहा है।