बुलंदशहर। जिले की चीनी मिलों का संचालन नवंबर माह में होगा। इसके लिए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इसी के तहत किसानों का सट्टा व गन्ना पर्ची का आवंटन होगा। गन्ने की फसल का सर्वे पूरा होने के बाद विभाग की ओर से किसानों के सट्टे बनाए जा रहे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि इस बार जिले में 84 हजार हेक्टेयर से अधिक गन्ने की फसल का रकबा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी की है, जिसमें छोटे और महिला किसानों को प्राथमिकता दी गई है। इस नीति के तहत छोटे किसानों (81 क्विंटल सट्टाधारक) के लिए पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में और पौधे गन्ने की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी होंगी, जबकि अति लघु गन्ना किसानों (36 क्विंटल) को शत-प्रतिशत पेड़ी की पर्चियां पहले पक्ष में मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि नवंबर माह से जिले की सभी चीनी मिलें एक दिन में 220 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करेंगी। इसमें साबितगढ़ 90 हजार क्विंटल, वेव शुगर मिल 35 हजार, अनूपशहर 25 हजार और अगौता चीनी मिल में 70 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई की जाएगी। किसानों को गन्ना पर्ची का आवंटन उनकी फसल के अनुसार होगा। जल्द ही मिलों को गन्ना पेराई का लक्ष्य और संचालन के संबंधित में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।