गन्ना समर्थन मूल्य घोषित नहीं होने का असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। शुगर मिलों ने गन्ना समर्थन मूल्य घोषित न होने की दुहाई देते हुए पेमेंट नहीं किया है।
वहीं, जिला गन्ना अधिकारी ने पेमेंट के लिए शुगर मिल प्रबंधकों को चिट्ठी भेजी है। बता दें कि पेराई सत्र 2015-16 में अनामिका शुगर मिल ने 11.96 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है।
अनूपशहर शुगर मिल ने 3.13 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। साबितगढ़ शुगर मिल ने 14.58 लाख क्विंटल की पेराई अब तक की है। तीनों मिलों ने मिलाकर अब तक 29.67 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है।
जिसका रेट 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब करीब 80 करोड़ रुपये होता है। मिलों ने किसानों को 80 करोड़ में से एक फीसदी का भी पेमेंट नहीं किया है। पेमेंट नहीं होने से किसान आर्थिक तंगी के भंवर में फंस गए हैं।
पेमेंट में देरी को लेकर डीसीओ एपी सिंह ने मिल प्रबंधकों को नोटिस भेज दबाव जरूर बनाया है। मगर दबाव का असर शुगर मिल लॉबी पर होता नहीं दिखाई दे रहा है।
शुगर मिल प्रबंधकों का कहना है कि शासन ने समर्थन मूल्य जारी नहीं किया है। इसलिए भुगतान में देरी हो रही है। समर्थन मूल्य की घोषणा होते ही पेमेंट कर दिया जाएगा।
शुगर मिलों को नोटिस भेज दिया गया है। मिल प्रबंधक पेमेंट नहीं करने के पीछे समर्थन मूल्य घोषित नहीं होने की दुहाई दी है। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी