एक कॉल से अब दूर होगी गन्ना किसानों की परेशानी
बुलंदशहर। गन्ना उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। उनकी गन्ने की खेती से संबंधित समस्याएं दूर करने के लिए शासन ने नई व्यवस्था की है। अब उन्हें गन्ने के संबंध में नई तकनीक या दूसरी जानकारी के लिए गन्ना कार्यालय तक दौड़ नहीं लगानी होगी। किसानों को राहत देते हुए टोल फ्री-नंबर जारी किया गया है। यहां पर सुबह पौने आठ से रात पौने 11बजे तक किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
गन्ने का रकबा 65 हजार हेक्टेयर
जनपद में गन्ने की फसल का रकबा 65 हजार हेक्टेयर के करीब है। गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 1.18 लाख से अधिक है। किसानों को फसल से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए अब विभागीय अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। साथ ही किसी दुकानदार से फसल के बारे में कोई सुझाव भी नहीं लेना होगा। क्योंकि शासन ने किसानों की समस्या को देखते हुए 11 अंक का टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 जारी किया है। ताकि किसान उस नंबर पर कॉल कर अपनी परेशानी बता सकें। उसके बाद वहां पर मौजूद कृषि वैज्ञानिकों की ओर से उनकी समस्या समाधान किया जा सकेगा, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। साथ ही किसानों को नई जानकारियों से भी अवगत करवाया जाएगा। वहीं, शासन ने सर्वे, सट्टा कलेंडर, पर्ची आदि के लिए भी टोल फ्री नंबर 1800-103-5823 पर शिकायत कर किसान समाधान पा सकते हैं। ऐसे में कोरोना काल में जहां किसान संक्रमण की चपेट में आने से बच सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। अधिकारियों ने बताया कि टोल फ्री नंबर सितंबर तक काम करेगा।
डीसीओ ने गन्ना सर्वे का किया निरीक्षण
जनपद में इस समय गन्ने की फसल का सर्वे चल रहा है। इस कार्य में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और चीनी मिलों के भी कर्मचारी लगे हुए हैं। यह काम जुलाई तक जारी रहेगा। सोमवार डीसीओ ने स्याना क्षेत्र के गांव हाजीपुर आदि में जाकर हो रहे गन्ने की फसल के सर्वे का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से भी बात की और गन्ना सर्वे में लगे कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
शासन की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इन नंबरों पर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। किसानों को घर बैठे ही समस्याओं का समाधान और गन्ना खेती से संबंधित नई जानकारी मिलेगी। वहीं, दूसरी ओर जनपद में गन्ने की फसल का सर्वे जारी है और इस पर अधिकारियों की नजर है।
डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी