बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए सूफियान हत्याकांड के मुख्य आरोपी भाजपा ग्रामीण मंडल मंत्री सत्येंद्र उर्फ पिंटू चौधरी समेत अन्य हत्यारोपी घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस की पांच विशेष टीमें लगातार 50 से अधिक ठिकानों पर दबिश दे चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने 100 से अधिक मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहे। वहीं, नाराज परिजनों ने बुधवार को व्यापारी नेताओं के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
सूफियान हत्याकांड का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन ने छह टीमों का गठन किया है। टीमों ने जनपद के अंदर और आसपास के जिलों के 50 से ज्यादा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है। तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेते हुए, पुलिस ने काफी मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है, जिससे कि आरोपियों की अंतिम लोकेशन ट्रेस की जा सके। हालांकि, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं, जिससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में मुश्किल आ रही है।
रविवार रात को बाग की पैमाइश को लेकर हुए विवाद में भाजपा ग्रामीण मंडल मंत्री सत्येंद्र उर्फ पिंटू चौधरी ने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर सूफियान और उनके भाई अकरम पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में सूफियान की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि भाई अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिनका इलाज अभी भी जारी है। घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपियों के परिवार के सदस्य भी अपने घरों से फरार हो गए हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक के परिजन बुधवार को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचे और एसएसपी से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से जुटी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।