40 किलोमीटर की रफ्तार से आई आंधी ने मचाई तबाही
बुलंदशहर। जिले में सोमवार देर रात आई तेज रफ्तार आंधी और बारिश के कारण करीब 16 घंटे तक जिले में ब्लैक आउट रहा। इस दौरान बिजली निगम को 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आंधी-तूफान के कारण लोगों को पेयजल संकट और भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। मंगलवार शाम करीब पांच बजे कुछ क्षेत्रों में बिजली सप्लाई चालू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
सोमवार देर रात करीब एक बजे जिले में आंधी-तूफान के कारण बड़ी संख्या में विज्ञापन के होर्र्डिंग, पेड़, बिजली के तार टूटकर गिर गए। जिसके चलते पूरे जिले की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। करीब एक घंटे तक जिले में आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। जिसके चलते स्याना रोड, अनूपशहर स्टेट हाईवे, मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे, बाईपास रोड, सिकंदराबाद रोड समेत अन्य मुख्य मार्गों पर पेड़ टूटकर हाईवे पर गिर गए। 200 से अधिक स्थानों पर बिजली की लाइनों पर पेड़ों के टूटकर गिरने से खंभे, ट्रांसफार्मर व तार समेत अन्य प्रकार की सामग्री बरबाद हो गई। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।
200 गांवों में बिजली संकट
आंधी-तूफान के कारण जिला अस्पताल, सिकंदराबाद, खुर्जा, स्याना, डिबाई, दानपुर, शिकारपुर, ऊंचागांव, बुगरासी, बीबीनगर, गुलावठी, ककोड़, अरनिया, पहासू, जहांगीराबाद, अनूपशहर में करीब 16 घंटे तक ब्लैक आउट रहा। इन क्षेत्रों में मंगलवार शाम करीब पांच बजे तक बिजली सप्लाई चालू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, करीब 200 गांवों में मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी।
इंटरनेट सेवा पर भी पड़ा असर
आंधी-तूफान के कारण न केवल बिजली सप्लाई बाधित हुई, बल्कि इंटरनेट कनेक्टिविटी से भी लोगों को जूझना पड़ा। बिजली सप्लाई न होने और इंटरनेट की लाइनों की मरम्मत न होने के कारण दिन भर सरकारी कार्यालयों के साथ बैंक, डाकघर समेत अन्य कार्यालयों में स्टाफ को परेशानी हुई। बैंकों में लेनदेन करने के लिए भी ग्राहकों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
सड़कों पर गिरे 250 पेड़, यातायात प्रभावित
जिले में विभिन्न हाईवे पर पेड़ टूटकर गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। वलीपुरा नहर के पास खुर्जा रोड, शहर में बाईपास रोड, डीएवी तिराहा, डिबाई रोड, पहासू रोड समेत करीब 250 स्थानों पर हाईवे, संपर्क मार्गों पर पेड़ों के टूटने से आवागमन प्रभावित हुआ। वन विभाग के कर्मचारियों ने टूटे पेड़ों को हटाया। जिसके बाद दोपहर के समय में लोगों को राहत मिल सकी। सिकंदराबाद में भी सोमवार की रात आई तेज आंधी से बहुत से पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। आंधी से दनकौर रोड पर कई पेड़ टूटकर सड़क पर जा गिरे जिससे सिकंदराबाद दनकौर मार्ग अवरुद्ध हो गया। सुबह जैसे ही वाहनों की संख्या बढ़ने लगी तो दनकौर रोड पर जाम लग गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर पड़े पेड़ों को हटवाया और यातायात को सुचारु कराया।
आंधी-तूफान के कारण विभाग को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। सभी कर्मचारियों को बिजली सप्लाई दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। कड़ी मेहनत करते हुए कर्मचारियों ने मंगलवार शाम तक अधिकतर क्षेत्रों की सप्लाई चालू कर दी थी। - अवधेश कुमार, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम
मिल गोदाम की टीन उड़ी, भीग गई चीनी
औरंगाबाद सोमवार रात आये तेज तूफान बारिश से चीनी मिल परिसर में बने पक्के व कच्चे चीनी गोदाम की टीन उखड़कर दूर जा पड़ी। जिससे बारिश का पानी दोनों गोदामों में भर गया। पानी भरने से गोदाम में रखे सैंकड़ों बोरों की चीनी खराब हो गई। उधर मिल परिसर में खुले आसमान के नीचे पड़ी बैगास भी खराब हो गई। इसके अलावा बारिश और तूफान से 150 मीटर दीवार, केन यार्ड, बैगास यार्ड, कालोनी गेट आदि की दीवार भी गिर गई है।
पांच डिग्री गिरा पारा, गर्मी से मिली राहत
बुलंदशहर।आंधी-बारिश से मंगलवार को तापमान में करीब पांच डिग्री गिरावट आ गई। इससे लोगों को राहत मिली। अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 20 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना जताई जा रही है। कृषि अधिकारियाें का कहना है कि इस बारिश से सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है और दूसरी फसलों को संजीवनी मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल का कहना है कि अभी आगामी दो दिन तक आंधी और बारिश की संभावना बन रही है।
40 किलोमीटर से अधिक रही आंधी की रफ्तार
जनपद में सोमवार की रात्रि आई आंधी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही। मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि अभी भी जनपद में आठ से 20 किलोमीटर से अधिक प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई जा रही है। आंधी के साथ आई बारिश 20 एमएम से अधिक दर्ज की गई है। दोे और तीन जून को भी आंधी और बारिश के आसार बन रहे हैं।
कीचड़ से लोागों को हुई परेशानी
नगर में डाली जा रही सीवर लाइन बिछाने के लिए कई स्थानों पर खोद गए गड्ढों में पानी भरने के बाद कीचड़ बन गया। इस तरह की समस्या चांदपुर रोड क्षेत्र, रामविहार कालोनी, हाईडिल कालोनी, भूड़ रोड स्थित बीसा आदि कालोनियों में देखी गई।
बोले लोग
सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे जी का जंजाल बन गए हैं। जब भी बारिश होती है तो उनमें पानी भरने के बाद कीचड़ बन जाता है, जिससे लोगों का निकलना दुर्भर होने के साथ परेशानी होती है। - मोमराज सिंह।
सीवर लाइन बिछाने के बाद खोदे गए गड्ढे समय पर नहीं भरे जाते हैं। यहीं कारण है कि जब-जब बारिश होती तो यह गड्ढे बड़ा आकार लेने के साथ कीचड़ में तबदील हो जाते हैं। इससे आमजन के साथ वाहन चालकों को परेशानी होती है। - मुकेश कुमार।
क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं भी भीगा
बारिश के चलते क्रय केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं तो केंद्र प्रभारियों की सतर्कता के चलते बचा लिया गया। लेकिन केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पहुंचे किसानों का गेहूं भीग गया। स्याना रोड स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचे किसान एडवोकेट प्रवीन यादव ने बताया कि कई किसान कई दिन से अपना गेहूं लेकर केंद्र पर डटे हुए हैं। वारदाना न होने के कारण गेहूं की तौल नहीं हो सकी। इसके चलते रात्रि में आई बारिश से गेहूं भीग गया। वहीं, दूसरी और औरंगाबाद क्षेत्र के गांव बालका में संचालित क्रय केंद्र पर भी किसानों का गेहूं भीग गया है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेया-ए-करीम ने बताया कि सभी क्रय केंद्र पर गेहूं को बारिश से बचाने के इंतजाम हैं। किसानों का कुछ गेहूं भीग गया है उसकी जल्द तौल करवाई जाएगी।