पिछले तीन दिन से चल रही बिजली संविदाकर्मियों की हड़ताल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था बिगाड़ दी है। स्थिति ये है कि एक फाल्ट को ठीक करने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है।
हड़ताल के कारण लोगों को 18 घंटे के शेड्यूल के बावजूद 6 से 8 घंटे बिजली आपूर्ति ही मिल पा रही है। वहीं आधा-अधूरा भुगतान करने पहुंचे ठेकेदारों को कर्मियों ने उल्टे पांव लौटा दिया।
पावर कारपोरेशन में इन दिनों जहांगीराबाद खंड के बिजली संविदाकर्मी भुगतान न मिलने के कारण मंगलवार से हड़ताल पर हैं। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह-सात माह से भुगतान नहीं मिला है।
जो भुगतान दिया भी जा रहा है, वह महज तीन से साढ़े तीन हजार रुपये के हिसाब से किया जा रहा है। हड़ताल का असर ये है कि एक-एक फाल्ट को ठीक करने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है। इसके कारण 18 घंटे के शेड्यूल में महज 6 से 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे जहांगीराबाद 132 केवीए से निकल रही 33 केवीए लाइन में फॉल्ट हो गया, जो सुबह करीब 10 बजे ठीक हो सका। इसी प्रकार एलटी लाइन में फॉल्ट होने से दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
कर्मचारियों ने ठेकेदार को दौड़ाया
अफसरों के दबाव के बाद दो ठेकेदार सुखवीर सिंह भाटी और लोकपाल कर्मियों को भुगतान करने पहुंचे। दोनों ठेकेदार कर्मियों को चार हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से भुगतान करने लगे , जिस पर कर्मचारी बिफर गए। एक्सईएन दफ्तर पर ही जमकर हंगामा हुआ।
कर्मचारियों ने आधा-अधूरा भुगतान लेने से मना कर दिया। गुस्साए कर्मियों ने दोनों ठेकेदारों को वहां से दौड़ा दिया। कर्मियों का आरोप है कि जहांगीराबाद एक्सईएन उन पर आधा-अधूरा पेमेंट लेने का दबाव बना रहे हैं। जब वह पेमेंट लेने से मना कर रहे हैं तो एक्सईएन उन्हें नौकरी से निकालने का भय दिखा रहे हैं।