वार्ड-30 में रेजीडेंट्स विकास के लिए तरसते रहे। पांच साल के भीतर 50 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए। वार्ड में सड़कें जर्जर और पार्क भी नहीं है। क्षेत्र में चारों ओर गंदगी का आलम है। पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं होेने से गलियों में अंधेरा बड़ी समस्या है।
वार्ड 30 में मोहल्ला काजीवाड़ा, सरायकाजी और अरूपियान आदि रिहाइशी इलाके आते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि वार्ड में गंदगी का अंबार है। नाले टूटे फूटे पड़े हुए हैं और गंदगी से अटे पड़े हैं।
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कचरा उठाने की ठीक व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइट खराब होने से गलियों में अंधेरा पसरा रहता है। सड़कों का भी बुरा हाल। बंद इंतजामी का आलम यह है कि ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। बिजली के तार जर्जर हैं।
बिजली के जर्जर तारों से अनहोनी हो सकती है। हालांकि सभासद ने वार्ड में कई सड़कें भी बनवाई हैं। पेयजल की स्थिति सामान्य है। कुल लोगों ने बिजली फाल्ट की समस्या भी बताई।