एमएलसी चुनाव के क्रम में नाम वापसी की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। किसी भी दल के उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में साफ हो गया कि सियासी पिच पर सपा और भाजपा उम्मीदवार के बीच सीधी टक्कर होगी।
एमएलसी चुनाव में सपा से नरेंद्र भाटी, भाजपा से संजय शर्मा और निर्दलीय उम्मीदवार विजय गौतम ने नामांकन किया था। गलत प्रस्तावक का उल्लेख करने से विजय का पर्चा रद्द कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार को नाम वापसी थी। सपा और भाजपा उम्मीदवार में से किसी ने नाम वापस नहीं लिया। इसलिए साफ हो गया कि सपा और भाजपा उम्मीदवार के बीच कड़ी टक्कर रहेगी। वहीं, दोनों उम्मीदवारों ने सियासी पिच पर गोटिया बिछा दी हैं।
भाजपा से हाथ मिलाने में हिचक रहे दल
बुलंदशहर-गौतमबुद्ध नगर स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समाजवादी पार्टी के खिलाफ जंग के मैदान में ताल ठोकने के बाद अन्य दलों के साथ लेने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
दूसरे दल भी सपा और भाजपा से समान दूरी बनाने में ही गनीमत मान रहे हैं। गैरभाजपाई दलों के सामने दिक्कत यह है कि कल तक हर मुद्दे पर जिस भाजपा को गाली देते रहे है, उसके पाले में अब एकाएक कैसे खड़े हो जाए।
भाजपा सपा के भीतर की नाराजगी और अन्य विरोधी दलों के उम्मीदवार नहीं उतारने के कदम का फायदा उठाना चाहती है। बसपा, कांग्रेस और रालोद जैसे दलों ने भी अपनी विचारधारा से मेल खाने वाले या पार्टी के समर्थक वोटरों को एक तरह से अब आजाद रखने का ही फैसला लिया है।
वह मर्जी से वोट कर सकते हैं। इस बीच सपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी और भाजपा प्रत्याशी संजय शर्मा में वोट पक्ष में करने को खींचतान शुरू हो गई है। भाजपा ने सतपाल शिशौदिया और प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन को पूरी तरह मैदान में उतार दिया है। उन्होंने यहां डेरा डाल लिया। सपा ने अपने सभी कद्दावर नेताओं की फौज को लगा दिया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष डीके शर्मा का कहना है कि हर वर्ग का उन्हें समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी और बसपा जिलाध्यक्ष कमल राजन का कहना है कि मतदान में अभी वक्त है सही समय पर सही कदम उठाया जाएगा।