मिलावट के शक में फूड सेफ्टी अफसरों ने जिले में दूध, मसाले और मिठाई समेत 24 खाद्य सामग्री के नमूने भरे। खाद्य नमूनों की शुद्धता परखने के लिए नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। डीएम के आदेश पर फूड सेफ्टी विभाग ने कार्रवाई की है।
जनपद में मिलावट का धंधा चरम पर है। दूध, तेल, मसाले, घी और दही शुद्धता की कसौटी पर खरे नहीं हैं। सरसों का तेल, अरहर की दाल और दूध तक जांच में अनसेफ मिले हैं। इसके मद्देनजर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने प्रभारी अधिकारी फूड सेफ्टी और डेजिगनेटेड अफसर को नमूने लेकर जांच कराने की हिदायत दी थी।
इसी क्रम में फूड सेफ्टी अफसरों ने बृहस्पतिवार को बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, डिबाई, स्याना और शिकारपुर क्षेत्र में निरीक्षण कर नमूने लिए। दूध के पांच, रिफाइंड के तीन, घी के पांच, दूध से बनी मिठाइयों के तीन, दूध से बने अन्य उत्पाद दही के तीन, चाय कॉफी का एक और प्रोसेस्ड खाद्य सामग्री का एक नमूना भरा।
सभी नमूनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है।
नामी कंपनी ने किया गुमराह
दूध की प्रोसेसिंग करने वाली एक नामचीन कंपनी के वकील ने कंपनी की ओर से एक साधारण और गरीब व्यक्ति को खड़ा कर दिया। वकील ने बताया कि उक्त नमूना इसी व्यक्ति की है। व्यक्ति ने भी कोर्ट में कहा कि इस नमूने का जिम्मेदार मैं हूं।
बार में बार ऐसा कहने पर एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र को शक हुआ। शक की बुनियाद पर फाइल का परीक्षण किया गया तो फाइल में नामचीन कंपनी का नाम सामने आ गया।
खाद्य सामग्री के नमूनों को जांच केे लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रणधीर सिंह, डीओ, फूड सेफ्टी