ई-रिक्शा को मोटर व्हीकल एक्ट में शामिल कर लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग चुनिंदा कंपनियों के ई-रिक्शों का ही रजिस्ट्रेशन करेगा। अब तक ई-रिक्शों का परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना जरूरी नहीं था। रजिस्ट्रेशन के साथ ई-रिक्शों को रोड टैक्स (वन टाइम) भी चुकाना पड़ेगा।
मोटर व्हीकल एक्ट में ई-रिक्शों के लिए कोई गाइडलाइन नहीं थी। इसलिए अब तक बिना पंजीकरण ई-रिक्शे नगर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। गाइडलाइन के संबंध में एआरटीओ सुरेंद्र सिंह के पास परिवहन मंत्रालय का आदेश पहुंच गया है। जिन चार कंपनियों के रिक्शों का रजिस्ट्रेशन होना है। उन कंपनिया के नाम भी परिवहन संभाग को भेज दिए गए हैं।
बता दें कि शहर की सड़कों पर करीब तीन हजार ई-रिक्शे दौड़ रहे हैं। इससे शहर को जाम से भी जूझना पड़ रहा है। एआरटीओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट में ई रिक्शों को शामिल कर लिया गया है। फिलहाल चार कंपनियों के ई रिक्शों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
नंबर प्लेट डालने को छह स्थान चिन्हित
शहर में ई रिक्शों पर नंबरिंग व्यवस्था लागू होगी। नंबर प्लेट डिजाइन करवाई जा रही है। नंबर बीएसआर-1, बीएसआर-2, बीएसआर-3 सीरियल में होंगे। एक नंबर प्लेट के ई-रिक्शा मालिक को 20 रुपये चुकाने होंगे। काला आम चौराहा, डीएवी तिराहा, स्याना बस अडडा, नुमाइश, काली नदी और अंसारी रोड पर ई रिक्शों पर नंबर प्लेट चस्पा किए जाएंगे।