अब किसानों से मृदा जांच का शुल्क वसूला जाएगा। अब तक यह सुविधा नि:शुल्क थी। मिट्टी की जांच के साथ मृदा हेल्थ कार्ड बनाने की फीस 300 रुपये तय की गई है। बता दें कि मृदा हेल्थ कार्ड में कृषि भूमि में मौजूद तत्वों का उल्लेख किया जाता है।
कृषि विभाग अभियान के तहत और सामान्य रुप से भी प्रयोगशाला में मिटटी की जांच करता है। पुरानी व्यवस्था में मिट्टी जांच की फीस किसानों से नहीं वसूली जाती थी। किसानों को नि:शुल्क मृदा हेल्थ कार्ड जारी किया जाता था। अब पुरानी व्यवस्था बदल दी गई है। नई व्यवस्था से जनपद में कम से कम पांच लाख किसान प्रभावित होंगे।