लिंग जांच के बाद अबॉर्शन कराने के मामले में फंसे शोभाराम अल्ट्रासाउंड सेंटर पर निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ और एसीएमओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। सात दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जांच टीम ने बयान दर्ज कराने के लिए परिजनों को नोटिस जारी कर दिया है।
उधर, अस्पताल सूत्रों का कहना है कि जांच के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कुछ दिन पूर्व नगर के शोभाराम अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव जाड़ौल निवासी प्रवीण की पत्नी ममता के भ्रूण की लिंग जांच की गई थी।
प्रवीण ने नगर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लिंग जांच में लड़की बताई गई। जिसके बाद अबॉर्शन में लड़का निकला। सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया था।
मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक तालियान, एसीएमओ डॉ. अवनींद्र के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम को सौंपी गई है। जांच टीम को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम ने बयान दर्ज कराने के लिए प्रवीण और उसके परिजनों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
वहीं शोभाराम अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है। तय माना जा रहा है कि जांच टीम शोभाराम अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस के निरस्तीरकण की संस्तुति कर देगी। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग की खुफिया विंग पहले ही अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ रिपोर्ट जारी कर चुकी है।