जिला महिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात। संवाद
बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय की नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बेड की कमी है। 18 बेड की क्षमता वाली इस इकाई में प्रतिदिन पांच से 10 नए नवजात पहुंच रहे हैं। इससे सभी को भर्ती करना मुश्किल हो रहा है और परिजनों को दौड़ लगानी पड़ रही है।
कई बार एक बेड पर दो-दो नवजातों को भर्ती करना पड़ता है। कुछ गंभीर नवजातों को अन्य अस्पतालों में रेफर भी कर दिया जाता है। वर्तमान में एसएनसीयू को 18 की जगह 30 से 35 बेड की आवश्यकता है। सोमवार को वार्ड में 26 नवजात भर्ती थे।
कि मंगलवार को 18 बेड पर 20 नवजात मिले। दो नवजातों को अन्य दो नवजातों के साथ रखा गया था। एसएनसीयू के कर्मचारी बताते हैं कि कभी-कभी वार्ड में 30-30 नवजात भी भर्ती किए जा चुके हैं।
जिला महिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर एसएनसीयू संचालित है। यहां समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और बीमार नवजातों का इलाज होता है। जन्म से 28 दिन तक के नवजातों को यहां भर्ती किया जाता है।
जिलेभर के निजी नर्सिंग होम, अस्पताल और सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी प्रतिदिन नवजात यहां पहुंचते हैं। गंभीर हालत में आने वाले इन नवजातों के कारण बेड हमेशा भरे रहते हैं।
कोट
वार्ड में पहले 10 बेड की व्यवस्था थी। इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 18 बेड तक किया जा चुका है। वार्ड में नवजातों को लेकर आने पर उनकी जांच कर भर्ती कर लिया जाता है। बेड भरे होने पर परिजनों को इसकी जानकारी से अवगत करा दिया जा रहा है। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस महिला चिकित्सालय