सोलह अफसरों की कमेटी गंगा में प्रदूषण की निगरानी करेगी। एनजीटी के आदेश पर जिलाधिकारी ने इस कमेटी में अफसरों के साथ उद्यमियों को भी शामिल किया है।
मालूम हो कि एनजीटी ने आदेश दिया था कि गंगा के 200 मीटर की परिधि में नगरीय ठोस अपशिष्ट (शहर का कूड़ा कचरा) बायोवेस्ट, ई-वेस्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, अवैध निर्माण, बिना शुद्धिकरण औद्योगिक प्रदूषित जल का प्रवाह नहीं किया जा सकेगा।
एनजीटी ने जिलास्तर के उच्च अफसरोें को इस संबंध में सख्त हिदायत दी है। अफसर और उद्यमियों की संयुक्त कमेटी बनाकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश डीएम को दिया गया है। बता दें कि अब तक गंगा में प्रदूषित सामग्री को प्रवाहित न करने की बात कही जा रही थी।
ऐसा पहली बार होगा जब गंगा के आसपास आम आदमी को कूड़ा करकट डालने से रोका जाएगा।
टीम में ये होंगे शामिल
डीएम, एसएसपी, सीडीओ, उपाध्यक्ष बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (बीडीए), जिला पंचायत राज अधिकारी, सीएमओ, नियत अधिकारी, एक्सइएन सिंचाई, एक्सइएन जलनिगम, जिलाधिकारी द्वारा नामित यथा आवश्यक अन्य दो अधिकारी, डीएम द्वारा नामित उद्योगों के प्रतिनिधि और क्षेत्रिय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।
कमेटी में 14 अफसर और दो उद्यमी होंगे। कमेटी का गठन ज्लद ही कर दिया जाएगा। इस संबंधी तैयारी पूरी कर ली गई है। - आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर