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Bulandshahar News: आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति समेत छह को पांच-पांच साल की कैद

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अनूपशहर। दहेज उत्पीड़न और बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के चार साल पुराने चर्चित मामले में एडीजे कोर्ट ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने मृतका के पति समेत ससुराल पक्ष के सभी छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 28-28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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घटना थाना अहार क्षेत्र के गांव चरौरा की है। गांव सीकरू अकबरपुर थाना सासनी जनपद हाथरस निवासी चंद्रपाल ने अपनी 29 वर्षीय पुत्री उमा देवी की शादी 29 मई 2013 को चरौरा निवासी सुमित कुमार से की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुरालिए उमा देवी को दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
उमा पर दबाव बना रहे थे कि वह अपनी छोटी बहन की शादी अपने देवर अमित से करवाए। मना करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। 21 मार्च 2022 की रात परिजनों को उमा की तबीयत गंभीर होने की सूचना मिली। जब परिजन गांव चरौरा पहुंचे तो उमा का शव पड़ा मिला और बीमार ससुर के अलावा बाकी सभी ससुरालिए फरार थे।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने 11 अप्रैल 2022 को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की और अदालत में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में पेश साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पति सुमित कुमार, देवर अमित कुमार, सास राजवीरी देवी, ननद गीता देवी व पप्पी देवी और ताऊ के बेटे सौरभ को दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने सभी दोषियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 28-28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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