माह-ए-रमजान के लिए सूतफेनी और सिवइयां तैयार करता कारीगर।
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बुखार से किशोर की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने गैर जिम्मेदराना बयान दिया है। जिला मलेरिया अधिकारी ने शकील की मौत को रोजे रखने के बाद फूड प्वायजनिंग होना कारण बताया है। डीएमओ की रिपोर्ट पर ग्राम प्रधान और शकील के परिजनों ने एतराज जताया है।
बता दें कि सोमवार को बुखार से पीड़ित शकील ने दम तोड़ दिया था। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव के अनुसार रोजे रखने के चलते शकील को फूड प्वायजनिंग हो गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। जिला मलेरिया अधिकारी के बयान पर प्रधान, शकील के परिजनों और ग्रामीणों ने कड़ा एतराज जताया है। पिता शौकीन का कहना है कि शकील को कई से दिनों से बुखार आ रहा था। उल्टी और दस्त के कारण उसकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान फरमुद्दीन का कहना है कि शकील कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। स्वास्थ्य अधिकारी शासन को गुमराह करने के लिए गलत रिपोर्ट दे रहे हैं।
कोट्स
शौकीन की मौत के पीछे असली कारण रोजे रखना रहा है। दरअसल शौकीन रोजे रखता था। रोजे के बाद खाना खाने की वजह से उसे फूड प्वाइजनिंग हुई। इसके कारण उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के पीछे बुखार का कोई कारण नहीं था। - डॉ. बीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी
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अधिकारी झूठी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। हमारा बेटा पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। गांव में करीब 50 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। क्या सभी फूड प्वाइजनिंग के शिकार हैं। अफसरों की रिपोर्ट गलत है। - शौकीन, मृतक शकील का पिता