जनपद में मशीनरी से सेटिंग से ईंट भट्ठे चलाए जा रहे हैं। तहसील अफसरों ने अभी तक उच्चाधिकारियों को चालू और बंद भट्ठों की रिपोर्ट नहीं दी है। खनन अधिकारी ने पोस्टिंग के बाद जरूर छापेमारी की, मगर वह भी अब शांत बैठ गए हैं।
जनपद में ईंट भट्ठों की संख्या 280 है। एनजीटी के आदेश के क्रम में प्रत्येक भट्ठा स्वामी को भट्ठा चलाने से पहले जिला स्तर पर गठित की गई कमेटी की अनुमति लेनी होती है। मगर अभी तक किसी भी भट्ठा मालिक ने एनओसी नहीं ली है।
खास बात यह है कि बिना एनओसी के सरकारी मशीनरी की शह पर भट्ठे चल रहे हैं। कई भट्ठे मालिक तो ऐसे हैं जिन्होंने कई बार ईंटों को पकाकर बेच दी हैं। हालांकि, भट्ठा स्वामियों ने एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है।
पिछले दिनों ने एडीएम वित्त ने सभी तहसील अफसरों से दोबारा भट्ठों के स्टेटस की रिपोर्ट मांगी थी। खुर्जा स्याना, शिकारपुर, अनूपशहर और डिबाई के उप जिलाधिकारियों ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। खास बात यह है कि ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद खनन अधिकारी डॉ. ऐदल सिंह चुप्पी साध गए हैं।
खनन अधिकारी डॉ. ऐदल सिंह ने बताया कि बहुत से भट्ठा मालिकों ने एनओसी के लिए आवेदन किया है। जो भट्ठे चल रहें हैं उनकी रिपोर्ट तहसील से आनी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।