भाकियू के कार्यकर्ताआें ने बुधवार दोपहर किसानों की समस्याआें को लेकर भीषण गर्मी में 25 किमी की पदयात्रा निकाली। तीन बार बातचीत के लिए एसडीएम ने पदयात्रा की राह रोकी लेकिन किसानों ने उन्हें खरीखोटी सुनाकर बैरंग लौटा दिया।
साथ ही कहा कि डीएम से मिलने के बाद ही अब बात होगी। बावजूद इसके डीएम किसानों से मिलने नहीं पहुंचीं। देर शाम तक किसानों का धरना जारी रहा। बुधवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने पूठी नसीराबाद स्थित खुटैल फार्म हाउस पर पंचायत की।
युवा जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान और जिला प्रभारी चौधरी तेजवीर सिंह ने प्रदेश सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में जहां सपा के सांसद और विधायकों की फौज है।
वहां-वहां गन्ने की एक-एक पाई का भुगतान किसानों को कर दिया गया है लेकिन पश्चिमी यूपी में कई सौ करोड़ रुपये मिलों पर बकाया है। बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। नहरों और रजवाहों में पानी नहीं होने से हाहाकार मचा है।
बाद में किसानों ने गुड्डू प्रधान और चौधरी तेजवीर सिंह की अगुवाई में बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़ हाईवे से पदयात्रा शुरू की तो एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने एसडीएम को खरीखोटी सुनाकर लौटा दिया।
औरंगाबाद कोतवाल आरपी सिंह ने औरंगाबाद थाने के सामने और नंगलाकरन के भाटी फार्म पर किसानों को रोकने का भरसक प्रयास किया लेकिन वे डीएम कार्यालय पर ही डेरा डालने पर अड़े रहे।
एसडीएम ने दो बार रास्तों में अपनी गाड़ी रोकी लेकिन किसानों को समझा नहीं पाए। किसान बार-बार डीएम से मिलने की मांग करते रहे लेकिन डीएम उनसे मिलने नहीं पहुंचीं। देर शाम तक किसानों ने धरना जारी रखा।
पदयात्रा में अमरपाल लोधी प्रधान, सोनू पाठक, प्रमोद भगत, राजकुमार शर्मा, सुशील राणा, राहुल ठाकुर, निर्दोष त्यागी, दीपक त्यागी, सरजीत त्यागी, संतराम भाटी, इन्द्र लोधी, संजय लोधी, देवेंद्र लोधी, हरवीर गिरि, उदयवीर सिंह, जितेंद्र सिंह, विनोद कुमार, लोकेश कुमार, रविकरन सिंह, राजवीर सिंह, अनुज लोधी, नरेंद्र सिंह, श्रीपाल सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।