गांव बरहाना निवासी सुरेंद्र गिरि का 17 वर्षीय पुत्र प्रिंस गिरि बुधवार रात करीब नौ बजे घर से कुछ जरूरी सामान लेने के लिए बाजार गया था। परिजनों के अनुसार, प्रिंस पटाखों की तेज आवाज से काफी डरता था। जब वह बाजार के पास था, तभी अचानक कहीं तेज पटाखे की आवाज हुई। आवाज सुनते ही प्रिंस डर गया और घबराहट में घर की तरफ वापस भागा। इसी दौरान अंधेरे में वह सड़क किनारे बने गहरे नाले को नहीं देख पाया और सीधे उसमें जा गिरा। प्रिंस नाले में गिर गया, लेकिन रात के अंधेरे और सन्नाटे के कारण किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। करीब पांच फीट गहरा यह नाला कीचड़ और गंदगी से भरा था।
जब काफी देर तक प्रिंस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। मोबाइल पर संपर्क न होने पर ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की गई। रात करीब 11 बजे परिजनों की नजर नाले के एक हिस्से पर पड़ी, जहां प्रिंस बेसुध पड़ा था। उसे तत्काल नाले से बाहर निकालकर निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसों को दावत दे रहा खुला नाला, ग्रामीणों में उबाल
प्रिंस की मौत के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि गांव के बीचों-बीच निकल रहा यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा है। नाले के ऊपर न तो कोई जाल लगवाया गया है और न ही इसकी समय पर सफाई होती है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई पशु इस नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं और दोपहिया वाहन चालक भी अक्सर हादसे का शिकार होते रहते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी ग्राम पंचायत ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा आज एक मासूम जान को भुगतना पड़ा।