मिलावटखोर रुपये बनाने के चक्कर में प्राणघातक खाद्य सामग्री बेचने से परहेज नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को फूड सेफ्टी विभाग ने 11 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की। जिनमें नूडल्स, दूध, रसगुल्ला के 10 नमूने अधोमानक थे।
वहीं, चावल का भी सैंपल प्राणघातक (अनसेफ) निकला। जिन खाद्य सामग्री के नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है उनकी सैंपलिंग जून माह में की गई थी। पुरानी मैगी नूडल्स के तीन नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
आईटीसी सनफीस्ट कंपनी का नूडल्स भी शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। नॉर नूडल्स और टॉप रेमन नूडल्स की रिपोर्ट भी अधोमानक आई है। सभी नूडल्स में टेस्ट मेकर की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक थी।
नियम के मुताबिक टेस्ट मेकर की मात्रा अधिकतम एक प्रतिशत होनी चाहिए। चावल में कीड़ों की भरमार होने से चावल का नमूना अनसेफ श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा दूध का एक और रसगुल्ले के दो नमूने के रिपोर्ट भी अधोमानक हैं।
बता दें कि दूध, चावल, नूडल्स की सैपलिंग जून-2015-16 में की गई थी। फूड सेफ्टी अफसर ने मिलावटखोरों को नोटिस जारी कर वाद दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
वहीं, सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि अनसेफ फूड प्राणघातक होता है। अधोमानक खाद्य सामग्री से भी सेहत को नुकसान पहुुंचता है।