गन्ने का रकबा जानने के लिए किया गया सैंपल सर्वे हकीकत से दूर रहा। सैंपल सर्वे में गन्ना क्षेत्र 10-15 परसेंट की बढ़ोतरी का आंकलन किया गया था। खेत टू खेत सर्वे में मात्र पांच प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा मिला। ऐसे में उन चीनी मिलों के सामने संकट होगा जिनकी पेराई क्षमता अधिक है।
एक माह पूर्व जनपद में गन्ना क्षेत्र का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू हुआ था। खेत टू खेत सर्वे से पूर्व गन्ना विभाग ने सैंपल सर्वे कराया था। सैंपल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक गन्ना क्षेत्रफल में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान था। मगर जब खेत से खेत तक गन्ने की फसल का सर्वे किया गया तो क्षेत्रफल कम निकला।
जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि गत् वर्ष करीब 43 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना बोया गया था। इस बार गन्ना क्षेत्र 45 हजार हेक्टेयर है। गत् वर्ष की तुलना में करीब दो हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
यूं हुआ कम रकबा
गौतमबुद्धनगर के जेवर में हवाई अड्डे के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसलिए वहां गन्ने की फसल को उजाड़ दिया गया था। सिंभावली शुगर मिल ने पेमेंट में किसानों को परेशान किया इसलिए वहां भी गन्ना क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं हुई।